नेहरू युवा केंद्र हरदोई के तत्त्वावधान में जैविक खेती, बायोकॉम्पोस्ट विधि, पौधरोपण, परंपरागत जलस्रोतों के संरक्षण आदिक विषयों पर कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला का आयोजन राजकीय महाविद्यालय, टोडरपुर में हुआ जहाँ 60 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया ।
जिला युवा अधिकारी प्रतिमा वर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम स्थानीय आवश्यकताओं पर आधारित कार्यशाला के अन्तर्गत कुछ महत्वपूर्ण विषयों का चयन कर प्रतिवर्ष आयोजित कराया जाता है। कार्यशाला में कृषि विभाग एवं वन विभाग के अनुभवी वैज्ञानिक और शोधकर्ता संदर्भ व्यक्ति के रूप में उपस्थित रहे। डॉ सी.पी. एन. गौतम, विज्ञानी कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, परंपरागत खेती, जैविक खेती के प्रकार और जैविक खेती की विधियां विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
हरगोविंद सिंह, शासन द्वारा नामित पर्यावरणविद द्वारा जैविक खेती एवं प्राकृतिक खेती की पर्यावरण के लिए उपयोगिता पर विस्तृत चर्चा की । आलोक शर्मा, रेंजर ऑफिसर, वन विभाग, शाहाबाद क्षेत्र द्वारा वन संरक्षण की आवश्यकता, घरों में किचन गार्डन बनाने की विधियां और उनसे होने वाले लाभ पर प्रकाश डाला। अरविंद कुमार, सहायक प्राध्यापक, राजकीय महाविद्यालय, टोडरपुर द्वारा जैविक खेती और प्राकृतिक खेती को अपनाने के साथ साथ इसके अधिक से अधिक प्रचार प्रसार की आवश्यकता पर भी चर्चा की। कार्यक्रम के अंतिम सत्र में जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे, अश्वनी कुमार मिश्र द्वारा परंपरागत जल स्त्रोतों के संरक्षण की विधियों, वर्षा जल संरक्षण, तलाब और बावली की आवश्यकता, जल संकट से जूझ रहे देशों की स्थिति और भारत में जल का स्तर और संरक्षण की आवश्यकता विषय पर युवाओं को जागरूक किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी संदर्भ व्यक्तियों को जिला परियोजना अधिकारी द्वारा नेहरू युवा केंद्र हरदोई की ओर से स्मृतिचिह्न और अंगवस्त्र भेंट कर उनका आभार प्रकट किया गया।