उच्चतम न्यायालय ने कल कहा कि केरल के कथित लव जिहाद मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जांच जारी रख सकती है । लेकिन याद रहे कि हादिया और शफ़ीन या किसी पुरूष और स्त्री के वैवाहिक दर्जे की जांच नहीं कर सकती है । यह आदेश प्रधान न्यायधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिया है । न्यायालय ने यह भी कहा कि केरल की महिला हादिया उसके समक्ष आई थी और उसने साफतौर पर बताया कि स्वयं अपनी इच्छा से उसने शफीन जहां से शादी की थी । मामले की अगली सुनवाई 22 फरवरी को होगी ।