सुरमय वीणाधारी माता, तुम ही हो विद्या की दाता

दिल्ली- साहित्य संगम संस्थान दिल्ली के तत्वावधान में बोली विकास मंच पर 05 मार्च को बसंतोत्सव छंदोत्सव आहुति महोत्सव 2023 मनाया गया जो कि सुबह 07 बजे दीपाली पाण्डेय दीया कवयित्री रीवा मध्यप्रदेश द्वारा मूर्ति स्थापना कर “सुरमय वीणा धारी माता” सरस्वती वंदना अपनी सुरीले कंठ से गाकर श्री गणेश किया।

09 फरवरी 23 से शुरू हुए इस बसंतोत्सव की पूर्णाहुति रांची झारखंड में 12 मार्च 23 को होगी। नवीन कुमार भट्ट नीर ने बताया की 05 मार्च को होने वाले कार्यक्रम में स्थानीय प्रतिभाओं में श्रेया सिंह, कपिल रौतेल,कविता बैगा,राजवी सिंह बरदौहा, बंदना महोबिया के द्वारा डांस प्रस्तुति की गई। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रशांत करण पूर्व आईपीएस अधिकारी रांची झारखंड, विशिष्ट अतिथि प्रमोद पाण्डेय इंजीनियर अयोध्या, कार्यक्रम अधिकारी राजेश पुरोहित भवानी मण्डी राजस्थान संगम के मीडिया प्रभारी के अतिरिक्त साहित्य संगम संस्थान दिल्ली कार्यकारिणी पदाधिकारियों में राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवीर सिंह मंत्र , संरक्षक आचार्य भानूप्रताप वेदालंकार, महासचिव तरुण सक्षम, कोषाध्यक्ष छाया सक्सेना प्रभु, कार्यकारी अध्यक्ष मिथलेश सिंह मिलिंद,सह अध्यक्ष नंदिता माजी शर्मा, बसंतोत्सव संयोजिका अर्चना सरताज की उपस्थिति रही।

इस कार्यक्रम में अध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा पुरोहित ने बोली विकास मंच की सफल कार्यक्रम का महत्वपूर्ण बिंदुओं को लेकर बोली विकास मंच की सराहना करते हुए अपनी अभिव्यक्ति के माध्यम से संदेश दिये साथ ही आगामी होली पर्व में प्राकृतिक रंगों से खेलने की सलाह देते हुए नशा मुक्त समाज संकल्पित होने के सुझाव दिए। सह अध्यक्ष नंदिता माजी शर्मा ने पटल पर उपस्थित सभी मनीषियों को बसंतोत्सव पर्व की शुभकामना ज्ञापित करते हुए,बच्चों के द्वारा की गई प्रस्तुति की सराहना कर बधाई के साथ विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से एक दूसरे को आदान प्रदान से नई सीख मिलेगी। अधीक्षक नवीन कुमार भट्ट नीर ने बताया की इस कार्यक्रम में नन्हे मुन्ने सितारों के माध्यम से डांस प्रस्तुति वाकई में बसंत में बहार लादी साथ पदाधिकारियों काव्यमयी प्रेरक अभिव्यक्ति विचारों से नई धारा प्रदान हुई आप सबकी सहभागिता निश्चित ही कार्यक्रम को सफल बनाया इसके लिए कोटि-कोटि प्रणाम आभार वंदन करता हूं।