इस बार की बारिश
इस बारबारिश की पहली बूँदों से खुद टूटकरटूटे-बिखरे पत्ते ने अपनी शाख से नयी कोपल को संभालने की अरदास की।अलग होने लगी बिखरी पत्तियाँ धरती का स्पर्श करकह रही हर ऊँचाई के बादइसी धरती की […]
इस बारबारिश की पहली बूँदों से खुद टूटकरटूटे-बिखरे पत्ते ने अपनी शाख से नयी कोपल को संभालने की अरदास की।अलग होने लगी बिखरी पत्तियाँ धरती का स्पर्श करकह रही हर ऊँचाई के बादइसी धरती की […]