बहरों को सुनाने के लिए ये धमाका ज़रूरी था
8 अप्रैल विशेष: शाश्वत तिवारी– 8 अप्रैल 1929 की वह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ थी। भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने न केवल अंग्रेजी सत्ता को चुनौती दी, बल्कि […]
8 अप्रैल विशेष: शाश्वत तिवारी– 8 अप्रैल 1929 की वह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ थी। भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने न केवल अंग्रेजी सत्ता को चुनौती दी, बल्कि […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय भारत मे वैसी विकृत मानसिकता के महिला-पुरुषों, वह भी सुशिक्षिता-सुशिक्षितों, की कोई कमी नहीं है, जो अल्पज्ञानी है; जीने-खाने के लिए ‘नौकरी-चाकरी’ कर रहे हैं और भीतर मुसलिम-समुदाय के लिए […]
मुख्य अतिथि आर० एस० वर्मा ने कहा, “हमारे साहित्यकारों ने ऐसी-ऐसी रचनाएँ देश को दिये थे, जो आज हम सबके लिए प्रेरणा का विषय है। आज के परिदृश्य मे उसी की ज़रूरत है। ऐसे ही […]
‘आज़ादी का अमृत महोत्सव समिति’ प्रयागराज मण्डल, प्रयागराज की ओर से तत्कालीन मण्डलायुक्त संजय गोयल के सौजन्य से प्रकाशित और भाषाविज्ञानी-समीक्षक आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय-द्वारा सम्पादित कृति ‘स्वातन्त्र्य-समर मे इलाहाबाद का शंखनाद’ नामक कृति का […]
The Vice President Shri M. Venkaiah Naidu today called for honouring unsung national heroes and chronicling anecdotes of their life journeys in an engaging way to inspire school children. He also suggested recounting tales of […]