लखनऊ की उमा प्रथम व आगरा की ओमवती द्वितीय
शाश्वत तिवारी लखनऊ : ब्रज क्षेत्र के ऋतु-त्योहार गीत व गोदभराई, पुंसवन, कुआं पूजन आदि रस्मों व संस्कार गीतों का संकलन भेजने वाली लखनऊ की उमा त्रिगुनायत को प्रथम व आगरा की ओमवती शर्मा को […]
शाश्वत तिवारी लखनऊ : ब्रज क्षेत्र के ऋतु-त्योहार गीत व गोदभराई, पुंसवन, कुआं पूजन आदि रस्मों व संस्कार गीतों का संकलन भेजने वाली लखनऊ की उमा त्रिगुनायत को प्रथम व आगरा की ओमवती शर्मा को […]
नेह की यज्ञवेदी सजाकर प्रिये!सब हविष् के लिए खोजने तन चले।मन्त्र आह्वान के गुनगुनाते हुए,कुछ निमिष के लिए मोहने मन चले।। आस-विश्वास के आसनों के तले,ज्ञान-विज्ञान सारे दबे रह गये।मन को स्थिर किये बैठे विनियोग […]
जगन्नाथ शुक्ल, इलाहाबाद- भींनी -भींनी बदरिया छाई मोरी नगरी। टूटी – फ़ूटी अटरिया की मोरी बखरी।। करम करता हूँ भाग्य फिर भी स्थिर बना, मेरे जीवन में छाया कुहासा घना। मेरी मासूमियत है बिखर सी […]
जगन्नाथ शुक्ल, इलाहाबाद- पथ बड़ा विचित्र है चित्र बना मौन है, रागिनी सशंक है मैं गीत गुनगुना रहा। ख्वाहिशों की बगुलियाँ हो रही अधीर हैं, मैं कर्म के प्रभाव से दाना चुना रहा […]
राहुल पाण्डेय ‘अविचल’- लेशमात्र भी खुशियाँ नहीं हृदय में मेरे हैं दीपों के इस पर्व से मुझको तनिक भी प्यार नहीँ ; मीत हमारा साथ छोड़ क्यों चला गया ? कैसे बताऊँ किस तरह जिया […]