प्रेम सभी भावों मे सबसे पावन और महान है

February 3, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– प्रेम सभी भावों में सबसे पावन और महान है।प्रेम बिना जग सूना है और जीवन वीरान है।मन, विचार और हृदय मे गहरे तक है प्रेम बसा।प्रेम नित्य और ईश्वर है इसकी […]

प्रेम सन्न्यासिओं के मन-मन्दिर का भाव है

September 4, 2024 0

राघवेन्द्र कुमार ‘राघव’– किसी के लिये अमूल्य है प्रेम।कोई है जो प्रेम की कीमत नहीँ समझता।कोई लुटता ही रहता है प्रेम मे।कोई लूटकर भी प्रेम से नहीँ भरता।क्या प्रेम कोई इच्छा या आवश्यकता है?क्यों हर […]