नागफनियों के शहर में रातरानी सा खिलूँगा
जगन्नाथ शुक्ल ‘जगन’, प्रयागराज तुम मुझे नफ़रत करो मैं नेह तुमको ही करूँगा;नागफनियों के शहर में रातरानी सा खिलूँगा। जो कहो कि मैं तुम्हारेबाँकपन को भूल जाऊँ।शीलता की मूर्ति के,अवहेलना का दोष पाऊँ। यदि तेरे […]
जगन्नाथ शुक्ल ‘जगन’, प्रयागराज तुम मुझे नफ़रत करो मैं नेह तुमको ही करूँगा;नागफनियों के शहर में रातरानी सा खिलूँगा। जो कहो कि मैं तुम्हारेबाँकपन को भूल जाऊँ।शीलता की मूर्ति के,अवहेलना का दोष पाऊँ। यदि तेरे […]
भवानीमंडी:-मधुशाला साहित्यिक परिवार द्वारा डिजिटल कवि सम्मेलन – 7 का आयोजन ऑनलाइन वीडियो तकनीकी द्वारा बड़े हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मधु जैन ने की । मुख्य अतिथि सूर्यप्रकाश जी दीक्षित, विशिष्ट […]