गिल्ली-डंडा

December 15, 2025 0

ग्रामीण क्षेत्रों में मित्रता और प्रतिस्पर्धा का प्रतीक गुल्ली- डंडा खेल भारत का पारंपरिक और लोकप्रिय खेल रहा है। गुल्ली- डंडा को खेलने के लिए किसी महंगे उपकरण या विशेष मैदान की आवश्यकता नहीं होती […]

खट्टा-मीठा शहर : तेजपुर

October 13, 2024 0

असम राज्य का तेजपुर कस्बा वैसे तो बड़ा रमणीक स्थान है। अपने देश में सूरज देवता सबसे पहले इसी क्षेत्र से अपनी यात्रा शुरू करते हैं। तेजपुर में सुबह उठकर हिमालय की तरफ देखिए तो […]

टिकट विण्डो वाली लाइन

December 11, 2023 0

एक समय था जब ट्रेन का टिकट लेने के लिए घंटों लाइन लगानी पड़ती थी। तत्काल टिकट के लिए ₹500 प्रति व्यक्ति अलग से घूस देनी पड़ती थी। किस ट्रेन में और किस दिन टिकट […]

कुछ पुरानी यादें

October 13, 2023 0

कभी तमन्ना थी कि हर कोई पहचाने मुझे,अब ये चाहत है कि गुमनाम ही रहूं…!! जीवन का सर्वश्रेष्ठ साल गुजर गया! एक ऐसा साल, जिसने मुझे मुझसे मिलाया! इस साल उन तमाम परिस्थितियों का सामना […]

रेलगाड़ी की पहली यात्रा : चरन्ति वसुधां कृत्स्नां वावदूका बहुश्रुताः

December 10, 2022 0

संस्कृत की एक सूक्ति है- ‘चरन्ति वसुधां कृत्स्नां वावदूका बहुश्रुताः।’ यानी बुद्धिमान और वाक कुशल लोग सारी पृथ्वी घूमते हैं। भारतवर्ष पृथ्वी के सबसे सुंदर देशों में से एक है और इस खूबसूरत देश को […]

बेटा आराम से चलना

December 5, 2022 0

2004 की बात है। मैं उस समय हैदराबाद में था और क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर से प्रभावित होकर नई-नई टीवीएस विक्टर बाइक ख़रीदी थी। पापा हमसे मिलने हैदराबाद आये थे। एक छुट्टी के दिन […]

ऊंचाहार ‘बैलगाड़ी’ एक्सप्रेस

November 18, 2022 0

सन 1988 में रायबरेली के ऊंचाहार कस्बे में थर्मल पावर स्टेशन स्थापित हुआ तो ऊंचाहार को देश की राजधानी दिल्ली से जोड़ने के लिए तत्कालीन इलाहाबाद (वर्तमान प्रयागराज) और दिल्ली के मध्य ‘ऊंचाहार एक्सप्रेस’ रेलगाड़ी […]

पापा : स्मृतियों में

August 26, 2021 0

आकांक्षा मिश्रा (गोंडा) बहुत कुछ बदल गया इन चार दिनों में । पापा इतनी भी क्या जल्दी थी ? अभी हमे हर मोड़ पर आपकी जरूरत थी । जीवन पर्यंत आपने हम सभी भाइयों को […]