कहानी : भरोसे की डोर
आदित्य त्रिपाठी (सहा० अध्यापक, प्रा० वि० प्रतापपुर, कोथावाँ)– अनिल और राज नगवा गाँव की मिट्टी में एक साथ ही घिसलकर बड़े हुए थे। दोनो मे गहरी दोस्ती थी। बचपन से एक ही थाली में खाते […]
आदित्य त्रिपाठी (सहा० अध्यापक, प्रा० वि० प्रतापपुर, कोथावाँ)– अनिल और राज नगवा गाँव की मिट्टी में एक साथ ही घिसलकर बड़े हुए थे। दोनो मे गहरी दोस्ती थी। बचपन से एक ही थाली में खाते […]
हरदोई– बालामऊ गाँव निवासी आदित्य त्रिपाठी को रामनगरी अयोध्याजी स्थित त्रेतायुग फाउण्डेशन ने बेस्ट एडूकेटर और मेण्टोर श्रेणी मे शिक्षक दिवस के अवसर पर सम्मानित किया है। यह पुरस्कार आदित्य को समाज के वंचित वर्ग […]