परिवार टूटते हैं तो व्यापार भी, अचरज क्यों ?

March 9, 2018 0

प्रभात सिंह (वरिष्ठ पत्रकार)- किसी भी व्यापारिक प्रतिष्ठान, औद्योगिक इकाई या फिर कोई संगठन जो भी परिवार के संयुक्त उद्यम से बनाया गया हो, परिवार के टूटने के बाद संयुक्त उद्यम पर असर पड़ना लाज़मी […]

ज़माने की रीति कितनी निराली है प्यारे

January 7, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- एक : वह सच बोलता भी है, इसका यक़ीं नहीं होता, झूठ तो उसके ख़ून के हर बूँद से टपकता है। दो : वह नाचीज़ अपनी नाज़्नीन पे नाज़ है करता, यह […]