नारी-जीवन झूले की तरह– इस पार कभी-उस पार कभी!

March 7, 2026 0

‘विश्वमहिला-दिवस’ पर ‘सर्जनपीठ’ का विशेष आयोजन•••••••••••••••••••••••••••••••••••• प्रयागराज। प्रतिवर्ष ‘विश्व महिला-दिवस’ का आयोजन होता है और उसके लिए अलग-अलग विषय भी निर्धारण किये जाते हैँ; परन्तु खेद का विषय है! किसी विषय का कोई क्रियान्वयन् नहीँ […]

कैसे बचेँ महिलाएँ, अपराधियोँ की क्रूर दृष्टि से?

August 23, 2024 0

भारतीय बुद्धिजीवी मुक्त कण्ठ से शब्द-क्रान्ति करने से डर क्योँ रहे हैँ? आज गुण्डोँ-लम्पट-मवालियोँ की एकपक्षीय राजनीति से भारतीय समाज ‘धधक’ रहा है; विस्फोट की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। ‘मेरा राज्य तेरे राज्य से […]

यूएन में राजदूत रुचिरा ने भारत में बढ़ते महिला नेतृत्व को सराहा

May 6, 2024 0

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने हाल के वर्षों में भारत की पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं की अगुवाई में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की जमकर प्रशंसा की। रुचिरा ने […]

अपनी बेटियों को ‘श्रीमती’ नहीं, ‘शक्तिमती’ बनायें!

October 30, 2023 0

—आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ● नपुंसक और पुरुषार्थविहीन हैं वे, जो बेटी बचाने की बात तो करते हैं; परन्तु उन्हीं के लोग जब बेटियों का शीलहरण करते हैं तब वे ‘शीलहरणकर्त्ताओं’ के संग खड़े होते […]