तुलसीदास के राम
शाश्वत तिवारी– जब-जब जगत को दुःख, अधर्म और अराजकता ने घेरा, तब-तब राम ने अवतार लिया। तुलसीदास ने जब ‘रामचरितमानस’ की रचना की, तब भारत सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक रूप से गहरे संकट में था। […]
शाश्वत तिवारी– जब-जब जगत को दुःख, अधर्म और अराजकता ने घेरा, तब-तब राम ने अवतार लिया। तुलसीदास ने जब ‘रामचरितमानस’ की रचना की, तब भारत सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक रूप से गहरे संकट में था। […]
मानस-मर्मज्ञ पं० पन्नालाल गुप्त ‘मानस’ की पुण्यस्मृति मे आयोजित आध्यात्मिक परिसंवाद मंगलवार को ‘मानस-मयूख’ एवं ‘श्रीमद्भट्टपीठम्’, प्रयागराज के संयुक्त तत्त्वावधान मे स्वागतम् होटल, प्रयागराज के सभागार मे मानसमर्मज्ञ पं० पन्नालाल गुप्त ‘मानस’ की स्मृत्यंजलि-स्वरूप ‘श्री […]
‘राम’ और ‘रामचरितमानस’ पूरे भारतवर्ष विशेषकर अवध क्षेत्र के कण-कण में और अवधवासियों के रग- रग में बसे हुए हैं। महाकवि गोस्वामी तुलसीदास द्वारा अवधी बोली में लिखी हुई मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की यह […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इन दिनो गोस्वामी तुलसीदास की यह अर्द्धाली/चौपाई विवाद के केन्द्र मे है। दीर्घकाल से इस विवादास्पद चौपाई के सन्दर्भ मे विद्वज्जन, आलोचक- उपदेशक-समीक्षकगण आदिक अपने-अपने बुद्धि-स्तर से अर्थ, अवधारणा, आशय […]
आदित्य त्रिपाठी : लखनऊ : बिहार के जाहिल शिक्षामंत्री प्रो० चंद्रशेखर सिंह ने भारतीय दर्शन के महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ तुलसीदासकृत रामचरितमानस पर अमर्यादित टिप्पणी कर सनातनधर्मियों मे क्षोभ उत्पन्न कर दिया है। कुछ समय पूर्व इसी […]