प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्वास व्यक्त किया है कि उनकी सरकार के सुधारों से भारत हर क्षेत्र में वैश्विक मानकों पर खरा उतरेगा। उन्होंने आज संयुक्त अरब अमारात में दुबई ओपेरा हाउस में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने विश्व बैंक की रैंकिंग में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है।
दुनिया में कभी किसी देश ने इतने कम समय में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में वर्ल्ड बैंक के रिपोर्ट के अनुसार 42 क्रम जंप लगाकर के 100 पर पहुंच गया है लेकिन हम और अधिक ऊपर जाना चाहते हैं और इसके लिए नीतिगत परिवर्तन करना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इससे भी बेहतर प्रदर्शन करना चाहती है। श्री मोदी ने दुबई में विश्व सरकार सम्मेलन में प्रौद्योगिकी को विकास का माध्यम बनाने पर बल देते हुए कहा है कि इसे विध्वंस का जरिया नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अतिवादी गतिविधियों के लिए प्रोद्योगिकी का इस्तेमाल कर रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी ने आम आदमी को सशक्त किया है।
टेक्नोलॉजी की सुलभता और उसके प्रसार ने आम आदमी का सशक्तीकरण किया है और इस ऐमपावरमेंट को मिनिमम गर्वेमेंट से मेक्सिमम गर्वेनेंस से और उस राह को एक बढ़ावा मिला है। ई-गर्वेनेंस का ई दरअसल इफेक्टिव, इफिशियेंट, ईजी, ईम्पावर और इक्विटेबेल का पहला अक्षर है। श्री मोदी ने कहा कि तमाम प्रगति के बावजूद दुनिया से गरीबी और कुपोषण का उन्मूलन नहीं किया जा सका है। दूसरी तरफ मिसाइलों और बमों की क्षमता बढ़ाने के लिए भारी मात्रा में धन, समय और संसाधन खर्च किये गये हैं।
इससे पहले, प्रधानमंत्री ने अबु धाबी में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए पहले हिंदू मंदिर बोचासनवासी श्री अक्षर पुरूषोत्तम स्वामी नारायण संस्था की आधारशिला रखी। इस अवसर पर श्री मोदी ने कहा कि यह मंदिर धार्मिक सहिष्णुता और वसुधैव कुटुंबकम – एक विश्व एक परिवार के भारतीय सिद्धांत का विशिष्ट प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस मंदिर के बन जाने से संयुक्त अरब अमारात में भारतीयता को नई पहचान मिलेगी। दुबई-अबू धाबी राजमार्ग पर अबू धाबी में बनने वाला पत्थर का यह पहला मंदिर होगा। यह परियोजना 2020 तक पूरी हो जाएगी।
इससे पहले, श्री मोदी ने संयुक्त अरब अमारात के उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तथा दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मख्तूम से दुबई में मुलाकात की। हमारी संवाददाता ने बताया है कि प्रधानमंत्री की संयुक्त अरब अमारात की यात्रा कई मायनों में बहुत महत्वपूर्ण रही। पूरा ओपरा हाउस मोदी के नारों से गूंज रहा था। नोटबंदी और जीएसटी की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दीर्घकालीन लाभ के लिए तत्कालिक कठिनाईयों की चिंता नहीं करनी चाहिए। प्रौद्योगिकी और विकास पर उनके दिए गए विचारों को यहां काफी सराहा गया। प्रधानमंत्री ने इस सम्मेलन के दौरान फ्रांस के प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की। कल कोऑपरेशन काउंसिल के बिजनेस लीडर से भी निवेश संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इस दो दिवसीय यात्रा के दौरान संयुक्त अरब अमारात के साथ-साथ महत्वपूर्ण समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए।
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