शिखर सम्‍मेलन की विषय वस्‍तु है साझा मूल्‍य और साझा नियति : ली सिएन लूंग, प्रधानमंत्री सिंगापुर

नई दिल्‍ली में भारत-आसियान मैत्री रजत जयंती शिखर सम्‍मेलन को आज शाम सम्‍बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि समुद्री क्षेत्र में भारत आसियान देशों के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है । उन्‍होंने कहा कि आसियान देशों की तरह भारत नियमों पर आधारित समाज और शांति के मूल्‍यों में विश्‍वास करता है । श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि भारत का मुख्‍य एजेण्‍डा आसियान में समुद्री क्षेत्र में नौवहन की स्‍वतंत्रता होगा ।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आसियान देशों की भागीदारी काफी मजबूत है और पिछले 25 वर्ष में आपसी व्‍यापार में 25 गुणा वृद्धि हुई है । उन्‍होंने कहा कि निवेश बढ़ा है और उसमें वृद्धि हो रही है । भारत भविष्‍य में व्‍यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा और व्‍यावसायिक समुदायों के बीच अधिक सम्‍पर्क के लिए काम करेगा । सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सिएन लूंग ने इस अवसर पर कहा कि भारत का दक्षिण पूर्व एशिया के साथ सांस्‍कृतिक सम्‍पर्क है और यह संबंध काफी मजबूत है । साझा मूल्‍य और साझा नियति, शिखर सम्‍मेलन की विषय वस्‍तु है । आसियान देशों के सभी प्रमुख इस अवसर पर मौजूद रहे । आसियान देशों के राष्‍ट्राध्‍यक्षों और शासनाध्‍यक्षों के साथ दिन में श्री नरेन्‍द्र मोदी ने राष्‍ट्रपति भवन में रिट्रीट सत्र में मुलाकात की । समुद्री सहयोग और सुरक्षा पर इस दौरान नेताओं ने खुलकर चर्चा की ।