गोरखपुर में नाबार्ड किसान सम्मान समारोह एवं किसानों के सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने की शिरक़त

मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने गोरखपुर में नाबार्ड किसान सम्मान समारोह एवं किसानों के सम्मेलन में पहुँचकर किसानों की हौसलाअफजाई की और सरकार द्वारा किसानों के हित में लिए जा रहे फ़ैसलों से भी सभी को अवगत कराया ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मई 2014 में सत्ता में आने के बाद जो पहला अभिभाषण दिया था उसमें कहा था कि 2022 तक किसानों की आमदनी को दोगुना करना है और सरकार इसके लिए मूल्य संवर्धन के साथ अन्य प्रक्रमों से ऐसा करने का प्रयास कर रही है ।

श्री योगी ने कहा कि मालूम हो कि भारत में किसान और कृषि एक दूसरे के पूरक हैं। जब तक इस बड़ी आबादी को हम खुशहाली की तरफ नहीं ले जाएंगे, तब तक देश में खुशहाली नहीं आएगी । किसानों को खुशहाल बनाने के लिए अनेक प्रयास प्रारम्भ हुए हैं। स्वायल हेल्थ कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी अनेक योजनाएं लागू की गई हैं ।

उत्तर प्रदेश में आज से 3 वर्ष पहले तक किसी भी कृषि उत्पाद का दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी कम मिलता था । याद होगा कि 2015-16 में सरकार की ओर से घोषित धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹1,400 था लेकिन किसान को ₹900 से ₹1,000 रुपये बड़ी मुश्किल मिल पाता था । बीच का पैसा बिचौलिए खा जाते थे । लेकिन अब इस सरकार में एच ओर जहाँ लगातार उपज के समर्थन मूल्य में वृद्धि हो रही है वहीं दूसरी ओर बिचौलिया राज खत्म हो गया है । अब किसान की मेहनत का पैसा सीधे उनके खाते में जमा किया जा रहा है । मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने और उनके जीवन में खुशहाली लाने में एफपीओ और बैंकिंग संस्थाओं का बहुत बड़ा रोल हो सकता है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में बड़ी आवश्यकता है कि यह दोनों संस्थाएं किसानों के साथ मिलकर इस कार्यक्रम को आगे बढाएं ।