आइ० ए० पी० एस० के ‘विज्ञान-संधान’ का लोकार्पण-आयोजन सम्पन्न

विद्यार्थियों को हर क्षेत्र मे संधान करने की आवश्यकता है– प्रो० पी० नागभूषण
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‘इण्टरनेशनल ऐकडेमी ऑव़ फिजिकल साइंसेस’, प्रयागराज के तत्त्वावधान मे ३० दिसम्बर को भारतीय सूचना-प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के सिनेट हाल मे संस्थान के निदेशक और समारोह के मुख्य अतिथि प्रो० पी० नागभूषण ने ऐकडेमी के विवरणपत्र ‘विज्ञान-संधान’ का लोकार्पण किया। उन्होंने अपने वक्तव्य मे कहा, “इस विवरणपत्र का नाम ‘विज्ञान-संधान’ सार्थक है; क्योंकि आज विद्यार्थियों को हर क्षेत्र मे संधान करने की आवश्यकता है; वह चाहे फिजिक्स का क्षेत्र हो, बॉयो का हो, मैथ्स का हो या फिर किसी का भी हो, बिना लक्ष्य-संधान किये विद्यार्थी प्रगति के सोपानो पर चढ़ नहीं सकते। आज ऐसे ही न्यूज लेटर की ज़रूरत है। मै इसकी प्रगति की कामना करता हूँ।” इससे पूर्व प्रो० पी० नागभूषण ने दीप-प्रज्वलित कर आयोजन का उद्घाटन किया और सरस्वती की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। गीतकार प्रद्युम्ननाथ तिवारी ‘करुणेश’ ने सरस्वती की वन्दना की। इसके पश्चात् ऐकडेमी की ओर से प्रो० नागभूषण को पुष्पगुच्छ, शाल तथा प्रतीकचिह्न से आभूषित किया गया। उत्तरप्रदेश लोक सेवा आयोग के पूर्व-अध्यक्ष और ऐकडेमी के अध्यक्ष प्रो० कृष्णबिहारी पाण्डेय ने स्वागत-संभाषण किया तथा ऐकडेमी के महासचिव प्रो० पारस नाथ पाण्डेय ने ऐकडेमी का गतिविधि-प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। ‘विज्ञान-संधान’ के मुख्य सम्पादक और ऐकडेमी के उपाध्यक्ष प्रो० सिद्धनाथ उपाध्याय ने ‘विवरणपत्र’-प्रकाशन के उद्देश्य पर सविस्तार प्रकाश डाला।

मुख्य अतिथि प्रो० पी० नागभूषण सम्बोधित करते हुए; पार्श्व में खड़े संचालक आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

इसी अवसर पर ‘भारतीय सूचना-प्रौद्योगिकी संस्थान’ इलाहाबाद की ओर से ऐकडेमी के अध्यक्ष प्रो० कृष्णबिहारी पाण्डेय, महासचिव प्रो० पारस नाथ पाण्डेय, उपाध्यक्ष प्रो० सिद्धनाथ उपाध्याय, मीडिया-प्रभारी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, उपाध्यक्ष प्रो० रवीन्द्र, उपाध्यक्ष प्रो० ए० के० मिश्र तथा कोषाध्यक्ष को संस्थान के निदेशक प्रो० पी० नागभूषण ने पुष्पगुच्छ, शाल तथा प्रतीकचिह्न भेंटकर सम्मानित किया। कोरोना-अनुशासनयुक्त इस पूरे आयोजन का संचालन आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने किया।