जीएसटी टीम के छापे की सूचना से लगभग सभी दुकानो के शटर गिरे

बाजारों में पसरा सन्नाटा, व्यापारियों में रहा अफरा-तफरी का माहौल

कछौना (हरदोई)। पड़ोसी कस्बे में जीएसटी सचल दल दस्ते द्वारा छापेमारी की सूचना मिलते ही नगर कछौना में दहशत फैल गई। छापेमारी की आशंका के चलते नगर के बाजार बंद हो गए। इस दौरान व्यापारियों में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और बाजार में सन्नाटा छाया रहा। घंटो बाद निरीक्षण दल के ना पहुंचने की सूचना मिलने के बाद व्यापारियों ने राहत की सांस ली और अपने-अपने प्रतिष्ठान खोल दिए।

बृहस्पतिवार को जीएसटी चोरी रोकने एवं पंजीकरण बढ़ाने के उद्देश्य से बेनीगंज कस्बे में जीएसटी सचल दस्ते द्वारा छापेमारी की सूचना जंगल में आग की तरह आसपास के कस्बों में तेजी से फैल गई। नगर कछौना में दोपहर के समय इसकी सूचना मिलते ही छापेमारी की आशंका से व्यापारियों में दहशत फैल गई। आनन-फानन में अधिकांश व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए, यहाँ तक व्यापार मंडल अध्यक्ष गौरव गुप्ता के व्यवसायिक प्रतिष्ठान का शटर भी डाउन दिखा। नगर में व्यापारियों के द्वारा बाजार बंद करने से बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि सैकड़ों में एक-आध प्रतिष्ठान अंधों में काना राजा की तरह खुले भी दिखाई दिए। घंटो बाद सचल दल के किसी भी अधिकारी के ना पहुंचने की सूचना मिलते ही व्यापारियों ने अपने-अपने प्रतिष्ठान खोल दिए और राहत की सांस ली।

नगर में व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के बंद होने का कारण जानने के संबंध में जब व्यापार मंडल अध्यक्ष गौरव गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने व्यापारियों के जीएसटी पंजीकरण ना होने और जीएसटी चोरी के सवालों से बचते हुए बताया कि नगर के प्रतिष्ठानों पर जीएसटी सचल दल दस्ते द्वारा छापेमारी की सूचना मिली है। जिलाध्यक्ष विमलेश दीक्षित द्वारा इस संबंध में जिलाधिकारी से वार्ता की जा रही है। किसी भी दशा में नगर के व्यापारियों का अनावश्यक शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जीएसटी चोरी रोकने व पंजीकरण बढ़ाने के उद्देश्य से प्रशासनिक निर्देश पर जिले में जीएसटी सचल दल दस्ते द्वारा व्यापक रूप से निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है, जो अनवरत जारी रहेगा।

फिलहाल कुछ भी हो मगर छापेमारी की आशंका के बाद व्यापारियों द्वारा प्रतिष्ठान बंद करने से एक बात तो साफ स्पष्ट होती है कि व्यापारियों की खरीद-फरोख्त, व्यवसाय में कहीं ना कहीं कुछ ऐसी कमियां और अनियमितताएं हैं। जिसका डर उन्हें प्रतिष्ठान बंद करने पर मजबूर कर देता है। व्यापारियों पर प्रश्नवाचक चिह्न लगाती इस बात की नगर के लोगों के बीच जोरों से चर्चा भी की जा रही है।

दुकानो का बन्द होना बड़ी गड़बड़ी की ओर इशारा करता है। देखना यह है कि प्रशासन इस पर क्या रुख अख्तियार करता है?

दीपक कुमार श्रीवास्तव