जर्जर सड़क और जगह-जगह गड्ढे देखकर भी बेशर्म जिम्मेदार मौन

कछौना, हरदोई – सड़कों के निर्माण में पारदर्शिता की कमी व आम जनमानस की लापरवाही के चलते सड़कें चंद दिनों में ही खस्ताहाल हो जाती है। हल्की बारिश के चलते ही सड़कों की गुणवत्ता की पोल खुल जाती है। सड़क पर पानी भराव और भ्रष्टाचार के कारण बनी हुई सड़क चंद दिनों में गड्ढों में तब्दील हो जाती है। इन गड्ढों की वजह से आवागमन काफी दुष्कर हो जाता है, जिसके चलते आए दिन हादसे होते हैं।

कछौना की लखनऊ पुलिया मार्ग से गौसगंज मार्ग पर कस्बा के चौराहे से ईदगाह तक मार्ग का निर्माण कई वर्षों से न कराए जाने के कारण काफी क्षतिग्रस्त हो गया है। डामर पूरी तरह से उखड़ चुका है, सड़क काफी जर्जर हो गई है, जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। नगर पंचायत द्वारा कई वर्ष पूर्व सड़क के दोनों ओर नाला निर्माण कार्य कराया गया था। जिसमें मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई थी। नाला निर्माण पूर्ण नहीं कराया गया, जिससे जल निकासी की समस्या कस्बे में बनी हुई है। दोनों तरफ का पानी सड़क पर ही जाता है हमेशा जलभराव होने के कारणराहगीरों को आवागमन में काफी दिक्कत होती है। इस सड़क की बदहाली के बारे में कस्बे के युवा सामाजिक कार्यकर्ता मेराज मंसूरी ने शासन प्रशासन को कई बार लिखित रूप से अवगत कराया, परंतु विभागीय अधिकारी बजट का रोना रोते हैं। जिसके कारण यह मार्ग जानलेवा बना हुआ है। प्रशासनिक अधिकारियों के लाख प्रयासों के बावजूद भी लोग घरों का पानी सड़क पर बहाने की आदत से बाज नहीं आ रहे हैं। वहीं सड़क खराब होने का गुणवत्ता व भ्रष्टाचार भी एक अहम कारण है जिसका खामियाजा आम जनमानस को उठाना पड़ रहा है। सड़क पर भरे पानी के कारण गड्ढा का अंदाजा नहीं होता है जिससे वाहन पलट जाते हैं जिसके कारण आए दिन राहगीर चोटिल होते हैं।

पूर्व सांसद अंजू बाला के अथक प्रयास से कछौना गौसगंज मार्गपर प्रधानमंत्री सड़क ग्राम योजना के तहत निर्माण कराया गया। परंतु लगभग 1 किलोमीटर का भाग छोड़ दिया था यह भाग लोक निर्माण विभाग विकास खंड के अंतर्गत आता है। इस मार्ग पर प्रतिदिन हजारों वाहन, गर्भवती महिलाएं, मरीज आदि का आवागमन रहता है। संबंधित अधिकारी ने बताया इस मार्ग के जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। बजट की स्वीकृति होते ही निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।