कौशल विकास की एक नई योजना को मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने मंजूरी दे दी है । इसमें कताई और बुनाई को छोड़कर वस्त्रोद्योग क्षेत्र की तमाम गतिविधियों को शामिल किया गया है । वस्त्र उद्योग में क्षमता निर्माण नाम की इस योजना के लिए 13 सौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है । इसकी अवधि 2019-20 तक होगी । इस योजना का उद्देश्य मांग पर आधारित कौशल विकसित करना और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है ।
Related Articles
दपर्ण जांच समिति की बैठक 15 सितम्बर :- दीक्षित
September 13, 2018
0
भारत की चरमराती अर्थव्यवस्था के लिए उत्तरदायी कौन?— एक
October 10, 2022
0
वर्ल्ड बैंक के बाद अब आईएमएफ हुआ भारत के वित्तीय मामलों का मुरीद
October 14, 2022
0