कौशल विकास की एक नई योजना को मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने मंजूरी दे दी है । इसमें कताई और बुनाई को छोड़कर वस्त्रोद्योग क्षेत्र की तमाम गतिविधियों को शामिल किया गया है । वस्त्र उद्योग में क्षमता निर्माण नाम की इस योजना के लिए 13 सौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है । इसकी अवधि 2019-20 तक होगी । इस योजना का उद्देश्य मांग पर आधारित कौशल विकसित करना और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है ।