केन्द्र को बड़ी राहत देते हुए उच्चतम न्यायालय ने कानून के अनुसार अनुसूचित जाति और जनजाति के कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने की अनुमति दे दी है। न्यायालय ने इस विषय पर केन्द्र की दलील को ध्यान में रखते हुए आज यह व्यवस्था दी। केन्द्र ने अपनी याचिका में कहा था कि विभिन्न उच्च न्यायालयों के आदेशों और इस तरह के मामलों में यथास्थिति बनाये रखने के 2015 के उच्चतम न्यायालय के आदेश के कारण पूरी पदोन्नति प्रक्रिया ठप्प पड़ गई है।