प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज शंघाई सहयोग संगठन एस.सी.ओ. के सदस्य देशों के बीच आपसी संपर्क सुदृढ़ करने की अपील की। चीन के छिंगताओ शहर में आज एस.सी.ओ. के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ऐसी सभी संपर्क-परियोजनाओं का स्वागत करता है जो समावेशी, टिकाऊ और कारगर हों तथा जिनमें संबंधित देशों की क्षेत्रीय अखंडता और सम्प्रभुता का पूरा ध्यान रखा गया हो। उन्होंने कहा कि आज हम एक ऐसे दौर में पहुंच गए हैं जहां भौतिक और डिजिटल संपर्क ने भूगोल की परिभाषा बदल कर रख दी है। सदस्य देशों के नागरिकों के बीच आपसी संपर्क सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए श्री मोदी ने कहा कि भारत अपने पड़ोस और शंघाई सहयोग संगठन के देशों के साथ संपर्क को प्राथमिकता देता है।
श्री मोदी ने अपने भाषण में अंग्रेजी के शब्द सीक्योर (SECURE) की नई परिभाषा भी दी। एस से मेरा मतलब है सिक्योरिटी ऑफ अवर सिटिजन्स। ई से मेरा मतलब है इक्नामिक डेवलपमेंट फॉर ऑल, सी से कनेक्टिंग द रिजन, यू से यूनाइटेड अवर पीपुल्, आर से रिस्पेक्ट फॉर सॉवरेनिटी एंड इंटिग्रिटी, ई से इन्वॉयरमेंट प्रोटेक्शन। मैं मानता हूं कि इन दिशाओं में सार्थक सहयोग से ही हमारा एससीओ सही मायनों में सेफ एंड कनेक्टेड आर्गनाइजेशन बन सकेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों में से सिर्फ छह प्रतिशत एस.सी.ओ. देशों से होते हैं। उन्होंने कहा कि साझा संस्कृति के बारे में जागरूकता बढ़ाकर इस संख्या को आसानी से दोगुना किया जा सकता है। श्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत, एस.सी.ओ. देशों के खान-पान उत्सवों और साझा बौद्ध विरासत के बारे में प्रदर्शनियां आयोजित करेगा। भारत में विदेशी यात्रियों का केवल सिक्स परसेंट एससीओ देशों से आता है, इसको आसानी से दोगुना किया जा सकता है। हमारी साझा और सम्पन्न सांस्कृतिक विरासत के बारे में जागरूकता एससीओ देशों और भारत के बीच पर्यटन को बढावा दे सकती है। अत: हमें एक एससीओ फूड फेस्टिवल और साझा बुद्धिस्ट हेरीटेज की प्रदर्शनी का भारत में आयोजन करेंगे। शिखर सम्मेलन के दौरान एस. सी. ओ. के सदस्य देशों ने 22 दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।
शंघाई सहयोग सम्मेलन आतंकवाद, अलगावाद और अतिवाद को रोकने संबंधी छिंगताओं घोषणापत्र के साथ सम्पन्न हो गया। सदस्य देशों के बीच अतिवाद और नशीली वस्तुओं के प्रति युवाओं को रोकने को लेकर भी सदस्य देशों में सहमति दि खी। अस्थाना में पिछले वर्ष सदस्य बनने के बाद भारत पहली बार पूर्ण सदस्य के रूप में शंघाई सहयोग सम्मेलन में शामिल हुआ है। सम्मेलन के पूर्व प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति ची चिनफिंग के बीच द्विपक्षीय संबंधों के व्यापक बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। चीनी राष्ट्रपति षी चिनफिंग ने आतंकवाद और अतिवाद से निपटने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि शंघाई सहयोग संगठन हमारी आस्था और भविष्य है। नई दिल्ली रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने कजाखस्तान के राष्ट्रपति नूर सुल्तान नज़रबायेफ और किर्गिज़िस्तान के राष्ट्रपति सूरोनबेई जीनबेकोफ से मुलाकात की।