फीस के लिए बच्ची को प्रताड़ित करने का अध्यापिका पर आरोप

 पाली ( हरदोई ) कस्बे के सरस्वती बिद्या मंदिर इंटर कालेज की शिक्षिका पर फीस के लिए विद्यालय में अध्ययनरत छात्रा को प्रताड़ित करने का आरोप लगा है । छात्रा के अभिभावक द्वारा विद्यालय के प्रधानाचार्य से मामले की शिकायत निष्प्रभावी रहने पर छात्रा के अभिभावक ने डीएम से आरोपी शिक्षिका के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है ।

कस्बे के मोहल्ला बिरहाना निवासी आरेंद्र बाजपेई की नौ बर्षीय पुत्री सव्यसांची गौरी नगर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में कक्षा 4 में अध्ययनरत है । आरेंद्र बाजपेई ने डीएम को प्रेषित शिकायती पत्र में कहा है कि बीती 11 दिसंबर को शुल्क माह दिसंबर का न जमा होने के कारण अध्यापिका सौम्या त्रिपाठी ने बिना किसी प्राधिकार के उक्त छात्रा को मारपीट कर अध्यापन कक्ष से बाहर निकाल दिया । शिक्षिका के कहने पर डरी सहमी छात्रा कई घंटे तक कक्षा के बाहर खडी रही जोकि छात्रा को मानसिक रुप से प्रताड़ित करने का संज्ञेय अपराध है । मामले की शिकायत प्रधानाचार्य से की तो शिकायती पत्र लेने से इनकार कर दिया जिस कारण आवश्यकता शिकायत आला हुक्मरान पडी । कहा कि अध्यापिका का कृत्य अमानवीय व्यवहार है व अध्यापक पद निर्वाहन प्रतिकूल है, फीस के लिए दबंगई तथा प्रताडित किया जाना विद्यालय मान्यता नियमावली के विपरित है लिहाजा जांच कराकर दोषी अध्यापिका को बर्खास्त किया जाना न्यायहित में नितांत आवश्यक है ।

बताते चलें कि 7 सितंबर 2017 को भी विद्यालय के अध्यापक पुरुषोत्तम दीक्षित पर फीस न जमा करने वाली बालिकाओं भीषण गर्मी में आर्मी की तर्ज पर बैग ऊपर उठवा कर विद्यालय परिसर के चक्कर लगवाने का आरोप लगा था । जिसमें एक वालिका मुस्कान उमस भरी गर्मी में गस खाकर गिर गई थी । घटना की सूचना अभिभावकों को मिलने पर एक दर्जन से अधिक अभिभावकों ने लामबंद होकर पुरुषोत्तम दीक्षित को बर्खास्त कर विद्यालय में बर्षों से जमें शिक्षकों को स्थानांतरण पद्धति बहाल कर स्थानांतरित करने की बात कही थी जिन्हें सिर्फ कोरे आश्वासन की घुट्टी देकर टरका दिया गया था । फीस के लिये बच्चों को प्रताडित करने के लिए उक्त विद्यालय को ख्याति प्राप्त है । फीस के लिए अध्यापक अध्यापिकाओं द्वारा मासूम बच्चों को किसी गुनाहगार की तरह सजा देने से स्पष्ट हो जाता है कि उक्त विद्यालय में बच्चे कितने महफूज हैं ।