मनोज तिवारी-
हरदोई- जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में स्थित पानी टंकी में लगे मधुमक्खियों के दो दर्जन छत्ते पोषण केंद्र में इलाज करवा रहे कुपोषित बच्चों के लिए खतरा बने हुए है लेकिन अस्पताल प्रशासन कोई गम्भीर प्रयास नहीं करता दिख रहा है।
बतातें चलें कि जिला अस्पताल के ठीक सामने पोषण पुनर्वास केंद्र है जिसमे 20 बच्चों के इलाज के लिए बेड पड़े हुए हैं,यहां कुपोषण का शिकार हो चुके बच्चों को उनकी मां के साथ रखा जाता है जहां उनका इलाज होता है। वर्तमान समय मे यहां 18 बच्चे अपनी मां के साथ हैं। पोषण केंद्र में जिला अस्पताल में पानी की आपूर्ति के लिए एक पानी टँकी लगी है जिनमें मधुमक्खी के एक दो नहीं बल्कि दो दर्जन से ज्यादा छत्ते लगे हुए हैं प्रत्येक छत्ते में हजारों मधुमक्खी चिपकी हुई हैं।यहां बच्चे का इलाज करवा रही महिलाओं ने बताया कि वे कमरे से निकलकर जैसे ही धूप में आती है मधुमक्खी हमला कर देती है साथ मे वे पीले रंग का मैला भी छोड़ती है जिससे कोई भी बाहर बैठता है उसके ऊपर गिरकर कपड़े खराब कर देता है। महिलाओं का कहना है कि डर के चलते वे अपने बच्चों को धूप में नहीं बैठा पाती है साथ ही डर लगा रहता है कि कहीं कोई छत्ता गिर न पड़े यदि ऐसा हुआ तो भयंकर परिणाम हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री आते है तब हटाते है छत्तेपानी की टंकी पर लगे मधुमक्खी के छत्ते तब ही हटाये जाते है जब सीएम का आगमन होता है पूर्व में जब भी सीएम का आकस्मिक निरीक्षण हुआ तब छत्तों को हटाया गया। अभी कुछ दिनों पूर्व जब सीएम योगी के आगमन की सुगबुगाहट हुई तो जिला अस्पताल ने वन विभाग को पत्र लिखकर छत्ते हटवाने का अनुरोध किया था लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई।
ए के शाक्य सीएमएस जिला अस्पताल ने बताया कि छत्तों को हटाने के लिए वन विभाग को कई बार छत्तों को हटवाने के लिए लिखा गया लेकिन उन्होंने अभी तक कोई कार्यवाई नहीं की है।
राकेश चंद्राडीएफओ हरदोई का कहना है कि छत्तों को हटवाना वन विभाग का कार्य नहीं है इसलिए इस सम्बंध में हम कुछ नहीं कर सकते।