- आगरा में 10 वीं की छात्रा संजलि को दिन दहाड़े जिंदा जलाया गया।
- कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यूपी की कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल ।
- मृतका के परिजनों को 50 लाख के मुआवजे व सीबीआई जांच की मांग ।
- कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी के एक तिहाई से ज्यादा सांसद विधायक अनुसूचित जाति के फिर भी दलित छात्रा की हत्या पर कोई आवाज नहीं उठा रहे ।
हरदोई- आगरा में कक्षा 10 की छात्रा संजली को जिंदा जलाए जाने के मामले को लेकर कांग्रेस कमेटी की अनुसूचित जाति के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन कर एक ज्ञापन एडीएम को दिया। ज्ञापन में कहाकि हत्यारों को फांसी की सजा व परिजनों को 50 लाख का मुआवजा दिलाया जाय।
ज्ञापन में कहाकि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हैं। उत्तर प्रदेश के जनपद आगरा में एक 10वीं की छात्रा संजली को दिन दहाड़े जिंदा जला दिया गया और सरकार व प्रशासन चुप बैठे हैं। कहा कि संजली की हत्या से उसके गांव में ही नहीं पूरे प्रदेश की बेटियां सहमी हुई है । यह बहुत दुखद है कि बेटी बचाओ का नारा देने वाली सरकार में बेटियों की बलि ली जा रही है और दरिंदे खुलेआम घूम रहे हैं। कहा कि बीजेपी के एक तिहाई से ज्यादा सांसद विधायक अनुसूचित जाति के हैं। फिर भी दलित छात्रा की हत्या पर कोई आवाज नहीं उठा रहे हैं।
संजलि हत्याकांड के विरोध में अनुसूचित जाति विभाग ने किया विरोध प्रदर्शन एवं पीड़ित परिवार को 50 लाख की मांग एवं हत्या के विरोध में सीबीआई जांच की मांग की। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष आशीष कुमार सिंह, जिला उपाध्यक्ष देवदत्त कोरी, जिला उपाध्यक्ष उर्मिला वर्मा, जिला उपाध्यक्ष शिव पाल वर्मा, जिला उपाध्यक्ष शशिबाला वर्मा, जिला उपाध्यक्ष रमेश चंद्र वर्मा, जिला उपाध्यक्ष द्वारिका प्रसाद, जिला महासचिव राजाराम वर्मा, जिला महासचिव बबलू वर्मा, जिला दीप कनौजिया, जिला महासचिव आत्माराम वर्मा, जिला सचिव सत्य प्रकाश कनौजिया, जिला सचिव संत कुमार गौतम, कमल वर्मा, शिवलाल नीरज कुमार राम सिंह नरेंद्र वर्मा हेमनाथ आकाश कुमार विजय पाल रामबली मनोज कुमार वर्मा लालता प्रसाद उमा शंकर रोहित पूजा वर्मा लव कुश रामू शिवकुमार कवि अनीश कुमार सत्य प्रकाश तिवारी श्री कृष्ण दिवाकर वर्मा छोटी बिटिया आदि सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।