वक़्त की ठोकर का शिकार

शिवांकित तिवारी “शिवा”, (युवा कवि एवं लेखक) संपर्क:- 7509552096

वक़्त  की  ठोकर  का  शिकार  हुए  है,

तबीयत ठीक है जिनकी अब वो बीमार हुए है ।

चट्टानों  से  मजबूत  हौसले थे जिनके,

वक़्त की मार से अब वो बेकार हुए है ।

हमारे  बीच  अब  तो  दोस्ती  जैसा  कुछ  नहीं  बचा,

कुछ एहसानफ़रामोश और खुदगर्ज हमारे यार हुए है ।

इंसान यहां दोहरे किरदार निभा रहा,

अब चोर यहां आज साहूकार  हुए है ।

बाप को बात – बात पर अब आँख दिखा रहा है बेटा,

आधुनिकता की चकाचौंध में गायब संस्कार हुए है ।