स्वच्छता सर्वेक्षण सूची में जिले में टॉप नगर पंचायत अझुवा की दलित बस्तियों में गंदगी का अंबार

स्वच्छता सर्वेक्षण सूची में जिले में टाप नगर पंचायत अझुवा में दलित बस्तियों में व्याप्त है गंदगी

लोग मच्छरों के आतंक से परेशान, नहीं कराई जाती कई-कई महीने फागिंग

कौशांबी : केंद्र सरकार की महात्त्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत अभियान के तहत नगर पंचायत अजुहा के मुख्य स्थानों एवं मार्गों को छोड़कर नगर से जुड़े अन्य ग्रामीण वार्डों की गलियों की नालियों मे गंदगी बजबजाती रहती है। नालियां चोक होने से बरसात के दिनों में जरा सी बारिश होने पर मार्गों पर नाली एवं बरसात का दूषित पानी भरने एवं कीचड़ हो जाने पर लोगों का पैदल चलना मुहाल है। लेकिन जिम्मेदार स्वच्छता सर्वेक्षण में जिले में टाप स्थान पाने की वाहवाही में ही मस्त हैं।

नगर के लोग ने स्वच्छ सर्वेक्षण सूची में अव्वल दर्जा लाने हेतु नगर पंचायत द्वारा अपनाए गए तरीकों पर सवाल उठाने शुरु कर दिए हैं। क्योंकि नगर की स्वच्छता की हालात से नगर के अधिकांश लोग संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि नगर पंचायत के जिम्मेदारों ने अपने कार्यालय के कर्मचारियों एवं कुछ प्राइवेट लोगों द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण में तमाम नगरवासियों के फीडबैक उनसे ओ.टी.पी. लेकर स्वयं मनमाफिक दिलाए गए हैं। अधिकांश नगर वासियों के स्वच्छता सर्वेक्षण के पोर्टल पर स्वच्छता से संबंधित प्रश्नों के उत्तर इन्हीं कर्मचारियों द्वारा स्वयं भरकर सबमिट किए गए हैं। इतना ही नहीं स्वच्छता सर्वेक्षण टीम के आने की खबर पहले से मिल जाने पर जिम्मेदारों द्वारा अपने मनमाफिक कुछ स्थानों का चयन कर वहां त्वरित साफ-सफाई की व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त कराकर वहां का सर्वेक्षण कराकर टीम को संतुष्ट कर वापस भेज दिया जाता है।

लोगों ने दावा किया कि यदि नगर के कई सुदूर वार्डों एवं कई दलित बस्तियों की शकरी गलियों की नालियों एवं सफाई की स्थिति का उच्चस्तरीय टीम द्वारा बिना पूर्व सूचना औचक निरीक्षण किया जाए और वहां के लोगों से साफ-सफाई संबंधी स्थिति एवं फागिंग व दवा के छिड़काव की स्थिति का जायजा लिया जाए तो जिम्मेदारों की पोल खुलना तय है। लोगों का तो यहां तक कहना है कि नगर की साफ सफाई व विभिन्न नागरिक सेवाओं की बेहतरी के लिए सरकारी खर्च पर रखे गए दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की नियुक्ति में भी जिम्मेदारों ने लोचा कर रखा है। जिसमें से कई ऐसे कर्मचारी वेतन तो सरकार से ले रहे हैं।लेकिन सरकारी ड्यूटी न करके जिम्मेदार एवं उनके चहेतों के निजी काम में लगाए गए है। इस संबंध में नगरवासियों से शिकायतें मिलने पर शासन से नामित सभासद सौरभ केसरवानी ने अन्य नामित सभासदों चंद्रपाल सिंह एवं विजय कुमार पटेल के साथ अधिशासी अधिकारी अझुवा सूर्यप्रकाश से लिखित पत्र देकर नगर पंचायत अझुवा में कार्यरत एवं सरकारी धन से वेतन पाने वाले दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सूची मांगी। ताकि नगर के लोगों से सभी कर्मचारियों का भौतिक सत्यापन कराया जाए कि उनमें से कौन कौन कर्मचारी नगर पंचायत की सार्वजनिक सरकारी ड्यूटी न करके घर बैठे हैं या जिम्मेदारों व उनके चहेतों की निजी ड्यूटी कर रहे हैं। ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।साथ ही जिम्मेदारों की कारगुज़ारियों से पर्दा उठने के साथ इस काली करतूत के जिम्मेदारों पर कार्यवाही एवं व्यवस्था में सुधार हो। नगर की सार्वजनिक सरकारी सुविधाएं अधिक चाक-चौबंद हो सकें । लेकिन एक पखवारा से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अभी तक नगर पंचायत अझुवा में कार्यरत सभी दैनिक कर्मचारियों की सूची उपलब्ध नहीं कराई गई।नगर वासियों ने सम्पूर्ण कस्बे की दलित बस्तियों में व्याप्त गंदगी व जलनिकास की अविलम्ब व्यवस्था कराने के लिए कौशाम्बी जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा का ध्यान आकृष्ट करने की गुजारिश की है। जिससे गम्भीर बीमारी की चपेट में आने से निजात मिल सकती है।

——————-IV24 NEWS जिला ब्यूरो चीफ कौशांबी से मंसुरिया दीन मौर्य की रिपोर्ट