कल (२० फ़रवरी) रविवार रहेगा। आप ‘दैनिक जागरण-परिवार’ की रविवारीय/ रविवासरीय प्रस्तुति ‘भाषा की पाठशाला’ में कल ऐसे अनेक शब्दों का अध्ययन करेंगे, जिनके अर्थ को न समझते हुए, अधिकतर जन मौखिक और लिखित भाषाओं के स्तर पर व्यवहार करते आ रहे हैं; परन्तु कितना अनर्थ करते आ रहे हैं, इसका तीव्र अनुभव आप सभी को कल ग्यारह राज्यों से एक साथ प्रकाशित देश के शीर्षस्थ हिन्दी-दैनिक समाचारपत्र ‘दैनिक जागरण’ के ‘झंकार’ नामक पृष्ठ पर ‘हिंदी हैं हम’ के अन्तर्गत ‘भाषा की पाठशाला’ का अध्ययन करके होगा। मध्यप्रदेश का प्रबुद्धवर्ग ‘नव दुनिया’ और ‘नई दुनिया’ में प्रकाशित उक्त स्तम्भ का अवलोकन कर सकता है।
आशा है, आप सभी अपनी कथित अशुद्धियों को दूर करने के प्रति सजगता बरतते हुए, अपने सुविधा और उपलब्धता-अनुसार कल के ‘दैनिक जागरण’ और शेष समाचारपत्रों का अध्ययन करेंगे।