कछौना (हरदोई)। किसी गरीब की छोटी सी गृहस्थी हो और वो भी आग में जलकर खाक हो जाए तो उसकी पीड़ा और दुखों का वर्णन करना संभव नहीं है।पीड़ित को तब समाज से मदद की अपेक्षा होती है लेकिन तब भी उंगलियों पर गिनने भर को चंद ऐसे लोग होते हैं जो पीड़ित की मदद को आगे आते हैं।ऐसा ही एक नाम है क्षेत्र के चर्चित समाजसेवी डॉक्टर नृपेंद्र वर्मा का जोकि गरीबों और जरूरतमंदों की मदद को हमेशा तत्पर रहते हैं।
बताते चलें कि विकासखंड कछौना की ग्राम पंचायत गौहानी के मजरा मंडलहिया की रहने वाली 65 वर्षीय रामदेवी (पत्नी स्व० माधव) अपने बेटों की प्रताड़ना व उपेक्षा से तंग आकर झोपड़ी डालकर अलग रहती थीं।बीते शनिवार की रात अपरिहार्य कारणों के चलते उनकी झोपड़ी में आग लग गई और देखते ही देखते उनकी छोटी सी गृहस्थी जलकर खाक हो गई।आग से जलकर खाक हुए आसियाने को देखकर मानों उनकर दुखों का पहाड़ ही टूट पड़ा। बेटों से तो पहले से ही उम्मीद नहीं थी और अब क्या खाएंगी, कहाँ रहेंगी की चिंता और सताने लगी थी। इस घटना की जानकारी जब कछौना के ग्राम कलौली के रहने वाले चर्चित समाजसेवी व ‘गरीब बेरोजगार सेवा फाउण्डेशन’ के संस्थापक डॉक्टर नृपेंद्र वर्मा (संचालक-वर्मा हॉस्पिटल, कछौना) को मिली तो वो बिना देर किए अपनी टीम के साथ पीड़िता की मदद को उसके गांव पहुंच गए और उन्हें राशन, कपड़े व अन्य सामग्री तथा आर्थिक सहायता देकर उन्हें ढांढस बंधाया। आग में अपना सब कुछ गवां देने वाली रामदेवी ऐसी मुश्किल घड़ी में मदद व सांत्वना पाकर भावविभोर हो गई और डॉक्टर नृपेंद्र के सिर पर हाथ रखकर उन्हें उन्नति की ओर सदैव अग्रसर रहने का आशीर्वाद दिया। वृद्ध रामदेवी ने बताया कि मदद पाकर उन्हें नया जीवन शुरू करने की हिम्मत मिली है।
बातचीत के दौरान डॉक्टर नृपेंद्र वर्मा ने बताया कि किसी के दुख दर्द में साथ देने, साथ खड़े होने की प्रेरणा उन्हें बचपन से ही मिली है। कभी मुफलिसी में दौर में जीवन जीने वाले नृपेंद्र ने आज अपनी मेहनत और लगन के बलबूते एक अलग ही मुकाम हासिल किया है। कभी खुद मदद की उम्मीद रखने वाले नृपेंद्र ने आज हर गरीब और निराश्रित/जरूरतमंद की यथासंभव मदद करने का बीड़ा उठा रखा है। उनके इस नेक काम में उनके कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाली उनकी पत्नी व फाउण्डेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर काजल वर्मा की भी अहम भूमिका रहती है। कोरोना काल में क्षेत्र के गांव-गांव सैनिटाइजेशन कराने व मेडिकल कैंप लगाकर जरूरतमंदों को चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने वाले डॉक्टर नृपेंद्र वर्मा का कहना है कि गरीब की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है। गरीबी और असहायों की मदद करने के बाद उन्हें एक सुकून भरी संतुष्टि प्राप्त होती है।क्षेत्र के किसी भी गरीब, जरूरतमंद के साथ यथासंभव सहयोग के लिए वो सदैव तत्पर हैं।