प्रयागराज। गत दिवस ‘वैचारिकी’, प्रयागराज के तत्त्वावधान मे हिन्दुस्तानी ऐकडेमी, प्रयागराज के सभागार मे पुस्तक-लोकार्पण और सम्मान-समारोह का आयोजन किया गया। दो चरणो मे आयोजित समारोह के अन्तर्गत सबसे पहले नगर के चर्चित कवि शिवराम उपाध्याय ‘मुकुल मतवाला’ की दो पुस्तकोँ :– ‘प्रेरक रामकहानी’ और ‘मतवालोँ की मधुशाला’ का लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि, समीक्षक डॉ० रविनन्दन सिँह ने कहा– एक ऐसा कवि, जो अध्यात्म को साहित्य मे उतारकर जीवन के हेतु की कोशिश मे लगा हुआ है, वह है, अध्यात्म-कवि शिवराम उपाध्याय। उन्हेँ प्रथम कोटि ‘उत्तमोत्तम’ श्रेणी के कवि के अन्तर्गत रखा जा सकता है; क्योँकि वे वास्तव मे, अध्यात्मजीवी हैँ। उनकी कृति मे अध्यात्म बोलता है।”
हरिवंश पाण्डेय ने कहा– उपाध्याय जी की दोनो पुस्तकेँ उपयोगी और महत्त्वपूर्ण हैँ।
व्याकरणवेत्ता एवं भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने विशिष्ट अतिथि के रूप मे कहा– यदि किसी साहित्यकार के व्यक्तित्व को समझना हो तो उसकी ‘आत्मकथा’ से अत्युत्तम अन्य कोई माध्यम नहीँ हो सकता। अपनी प्रथम पुस्तक मे उपाध्याय जी ने अपने जीवन के अन्धकार-प्रकाश का निरूपण करते हुए, एक वास्तविक चित्रण किया है दूसरी काव्यात्मक कृति मे अध्यात्म और जीवनदर्शन का मनोहारी चित्रण किया है। कृति मे बिम्ब-योजना और प्रतीकविधान का वितान देखते ही बनता है।
कवयित्री रचना सक्सेना ने अपनी एक रचना के माध्यम से अपना विचार व्यक्त किया।
अध्यक्षीय उद्बोधन करते हुए हिन्दीसेवी रामनरेश तिवारी ‘पिण्डिवासा’ ने कहा– मै दोनो कृतियोँ के लिए उपाध्याय जी को धन्यवाद देता हूँ। उपाध्याय जी की कृतियोँ मे सरस्वती का वास है। जब वे तन्मय होकर मधुशाला का गायन करते हैँ तब वातावरण अध्यात्ममय हो जाता है।
समारोह का संचालन डॉ० शम्भुनाथ त्रिपाठी ‘अंशुल’ ने किया।
इस अवसर पर विशेष रूप से शिवराम उपाध्याय ‘मुकुल मतवाला’ के सुपुत्र डॉ० सुशीलकुमार उपाध्याय और पुत्रवधू सुगन्धा उपाध्याय को उप-पुलिस अधीक्षक के रूप मे पदोन्नत दिये जाने के कारण सम्मानित किया गया। इनके अतिरिक्त डॉ० वीरेन्द्रकुमार तिवारी, रचना सक्सेना, डॉ० शम्भुनाथ त्रिपाठी ‘अंशुल’ का सम्मान किया गया।
समारोह के दूसरे चरण मे काव्यपाठ-कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमे के० पी० गिरि, नज़र इलाहाबादी, डॉ० वीरेन्द्र तिवारी, डॉ० पीयूष मिश्र, गंगा प्रसाद, अभिषेक केसरवानी ‘रवि’ इत्यादिक ने अपनी-अपनी कविता का पाठ किया। काव्यपाठ का संचालन डॉ० पीयूष मिश्र ने किया। संयोजक शिवराम उपाध्याय ‘मुकुल मतवाला’ ने कृतज्ञता-ज्ञापन किया।
इस अवसर पर दिवाकर पहाड़िया, अर्चना दुबे, शीबू, शीलू, महक जौनपुरी इत्यादि बड़ी संख्या मे श्रोता-दर्शक उपस्थित थे।