ममता की छाँव या स्वाभिमान की बेड़ियाँ?
सोनू गुप्ता (लेखक एक दृष्टिबाधित युवक हैं)– (यह लेख एक दृष्टिबाधित युवा के उन निजी अनुभवों और खामोश जद्दोजहद पर आधारित है, जिसे अक्सर उत्सव की चमक-धमक में भुला दिया जाता है ।शादी का घर […]
सोनू गुप्ता (लेखक एक दृष्टिबाधित युवक हैं)– (यह लेख एक दृष्टिबाधित युवा के उन निजी अनुभवों और खामोश जद्दोजहद पर आधारित है, जिसे अक्सर उत्सव की चमक-धमक में भुला दिया जाता है ।शादी का घर […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव-– संध्या उतर रही थी। सूर्य धीरे-धीरे पश्चिम के पर्वतों के पीछे विलीन हो रहा था। आकाश में लालिमा थी, पर वह लालिमा भी जैसे विरह का रंग धारण कर चुकी थी। […]
शिखा यादव– पानी तो बिक रहा है, पवन बिक न जाए;धरती भी बिक रही है, गगन बिक न जाए।अन्तरिक्ष मे भी निगाहेँ हैँ सबकी लगीँ;डर है, सूरज की तपन बिक न जाए।स्वार्थनीति चलते, कोई जगह […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– मनुष्य के जीवन की सबसे सूक्ष्म और गहन भूल यह नहीं है कि वह संसार को पर्याप्त रूप से नहीं जानता, बल्कि यह है कि वह स्वयं को जाने बिना ही […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– सुमन्त्र मौन थे। उनके हाथों में रथ की लगाम थी, पर मन की लगाम छूट चुकी थी। उनके सामने बैठी जनकनन्दिनी अब केवल महारानी नहीं रह गई थीं। ऐसा प्रतीत होता […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– न हमें कोई समझा, न समझा भावनाएँ,भरी-पूरी दुनिया में हम हैं अकेले।कहने को रिश्ते अनेकों यहाँ हैं,जिधर देखता हूँ उधर दिखते मेले।हर तरफ ताकते-झाँकते लोग दिखते,जहाँ देखो दिखते यहाँ पर झमेले।न […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– मानव जीवन केवल जन्म, भरण-पोषण, उपलब्धियों और भौतिक सफलताओं की यात्रा नहीं है। इसकी वास्तविक सार्थकता उस चेतना में निहित है, जो हमें स्वयं से आगे बढ़कर दूसरों के सुख-दुःख, अधिकारों, […]
नई दिल्ली, जून 2026: केटू इंफ्रा लिमिटेड को तेलंगाना सरकार से करीब ₹390.91 करोड़ की सड़क परियोजना की जिम्मेदारी मिली है। इसके तहत तेलंगाना रूरल रोड्स डेवलपमेंट प्रोग्राम के हाइब्रिड एन्युटी मोड (एचएएम) फेज-1 के […]
प्रयागराज। पिछले पाँच दिनो से देश और देश से बाहर के भाषा-व्याकरण तथा साहित्य के विशेषज्ञोँ ने लगातार छात्र-छात्राओँ का हर स्तर पर परीक्षा-विषयक मार्गदर्शन करते रहे। २३ जून को मौखिक परीक्षण-कर्मशाला का अन्तिम दिन […]
प्रयागराज। २२ जून को ‘हिन्दी-संसार’ नामक शैक्षणिक संस्था के सभाकक्ष मे भाषा-व्याकरण तथा साहित्य-मर्मज्ञोँ ने हिन्दीसाहित्य-अध्यापन और प्राध्यापन-हेतु साक्षात्कार-परीक्षा की गहन तैयारी के लिए व्याकरणवेत्ता एवं भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की अध्यक्षता मे आयोजित […]
प्रयागराज। ‘हिन्दी-संसार’ की ओर से २१ जून को आयोजित हिन्दी-अध्यापन-परीक्षा के लिए एक उपयोगी कर्मशाला का आयोजन किया गया, जिसमे प्रयागराज और बाहर के विषय-विशेषज्ञोँ ने विद्यार्थियोँ का सम्यक् मार्गदर्शन किया। विद्यार्थियोँ को साहित्य की […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– सुमन्त्र मौन थे। वन की निस्तब्धता और भी गहन होती जा रही थी। वृक्षों की छाया मानो स्वयं इस संवाद को सुनने के लिए ठहर गई थी। मंद पवन बह रही […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– रात्रि अपने पूर्ण विस्तार पर थी। आकाश तारों से भरा हुआ था। ऐसा प्रतीत होता था मानो अनन्त ब्रह्माण्ड अपनी असंख्य आँखों से पृथ्वी की ओर देख रहा हो। राम निद्रा […]
शैक्षणिक संस्था ‘हिन्दी-संसार’ के सभागार मे देश के अनेक हिस्सोँ से आये शताधिक हिन्दी-साहित्य के विद्यार्थियोँ का नगर और बाहर के शिक्षाविदोँ और भाषाविज्ञानी ने उनका समुचित मार्गदर्शन किया। पाँच दिनो तक चलनेवाले समारोह के […]
प्रयागराज। शैक्षणिक संस्था ‘हिन्दी-संसार’ की ओर से आयोजित पंचदिवसीय सारस्वत समारोह का उद्घाटन १९ जून को सलोरी, (ईश्वरशरण बालिका विद्यालय के पीछे, पानी की टंकी के पास), प्रयागराज-स्थित संस्था के सभागार मे पूर्वाह्न ११ बजे […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– सुमन्त्र का रथ दृष्टि से ओझल हो चुका था। वन की निस्तब्धता में अब केवल पत्तों की हल्की सरसराहट थी। किन्तु उस निस्तब्धता के भीतर भी सीता के हृदय में असंख्य […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– आर्य सुमन्त्र मौन थे। उनके पास शब्द थे, पर वे शब्द जैसे अपने अर्थ खो चुके थे। वे सीता के मुखमण्डल को देख रहे थे—वह मुख, जो राजमहलों की सुख-संपन्नता में […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– अयोध्या से दूर वन के उस निर्जन प्रदेश में जीवन धीरे-धीरे अपनी नई गति ग्रहण कर रहा था, किन्तु स्मृतियाँ अभी भी पीछे नहीं छूटी थीं। वे कभी शीतल पवन की […]
प्रयागराज। आगामी १९ से २३ जून तक प्रयागराज मे देश के प्रख्यात भाषा-व्याकरणविशेषज्ञोँ, साहित्य-मर्मज्ञोँ तथा समालोचकोँ का सारस्वत समागम होगा, जिसका आयोजन शैक्षणिक संस्था ‘हिन्दी-संसार’, सलोरी, प्रयागराज के सभागार मे होगा। इसमे विशेष रूप से […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– वन की ओर बढ़ते रथ के पहिए केवल धूल नहीं उड़ा रहे थे, वे इतिहास की दिशा बदल रहे थे। अयोध्या पीछे छूट रही थी और सामने था अनिश्चितताओं से भरा […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– वन की ओर जाने वाले उस मार्ग पर सूर्य अस्ताचल की ओर झुक रहा था। रथ के पहियों से उठती धूल मानो अयोध्या की स्मृतियों को अपने साथ लिए चली जा […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– रात्रि उतर आई थी। आकाश में असंख्य तारिकाएँ जगमगा रही थीं। मंदाकिनी का जल अब चाँदी-सा चमक रहा था। दूर कहीं किसी पक्षी की करुण पुकार सुनाई दी और फिर समूचा […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– अयोध्या नगरी उत्सवों से सजी रहती थी। महाराज दशरथ के राज्य में प्रजा सुखी थी। चारों राजकुमार राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न राज्य का प्राण थे। उनमें भी श्रीराम सबसे प्रिय […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– मानव जीवन भावनाओं, इच्छाओं, संबंधों और अनुभवों का अद्भुत संगम है। मनुष्य जन्म लेते ही किसी न किसी प्रकार के लगाव से जुड़ना प्रारम्भ कर देता है। पहले माता-पिता से, फिर […]
गोरखपुर : रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर ने हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 100 सफल बायपास सर्जरी (CABG) पूरी कर ली हैं। यह उपलब्धि अस्पताल की उन्नत चिकित्सा सुविधाओं, अनुभवी […]
—- Dr. Raghavendra Kumar Raghav Every year, World Environment Day is celebrated with great enthusiasm. Government departments, educational institutions, social organizations, and environmental groups organize plantation drives, awareness campaigns, and public events. Newspapers publish photographs […]
प्रयागराज। पिछले दिनो टी० जी० टी०-परीक्षा के हिन्दी-साहित्य के प्रश्नपत्र मे सम्बन्धित प्राश्निक (प्रश्नपत्र तैयार करनेवाला) ने बड़ी संख्या मे व्याकरण-स्तर पर तरह-तरह की अशुद्धि की है। प्रश्नपत्र तैयार करनेवाले को विरामचिह्नो का बिलकुल बोध […]
विश्व पर्यावरण दिवस प्रतिवर्ष बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न संगठनों द्वारा पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, समाचार पत्रों में रंगीन तस्वीरें प्रकाशित होती हैं और […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• अन्तत:, तमाम लीपा-पोती और ना-नुकुर के बाद जब विद्यार्थियोँ और अभिभावकोँ ने अखण्डनीय प्रमाण सार्वजनिक किये तब सी० बी० एस० ई० और शिक्षामन्त्रालय को मानना पड़ा है कि सी० बी० […]
वो अपना, अपना ही रहा, सब हार गई …..थी पराई वो, किससे कहती कितना कहती,अब अपनों से कैसे लड़ाई हो। अरमान संजोकर स्वप्नलोक के,हर रीत थी वहां निभाई तो,टुकड़ो को जोड़ती रही सदा,पर दी न […]
मैं दक्षिणी दिल्ली में रहता हूँ। देश की राजधानी दिल्ली के सबसे पॉश माने जाने वाले इसी ‘दक्षिणी दिल्ली’ में इस हफ्ते दो बड़ी दुर्घटनाएं घटी। पहली साकेत में एक पांच मंजिला इमारत भरभराकर ढह […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक बात समझ मे नहीँ आती– जब यह बात साफ़ हो चुकी है और जिसे सी० बी० एस० ई० के अधिकारी और केन्द्रीय शिक्षामन्त्री धर्मेन्द्र प्रधान मान चुके हैँ कि […]
प्रयागराज। गत दिवस ‘वैचारिकी’, प्रयागराज के तत्त्वावधान मे हिन्दुस्तानी ऐकडेमी, प्रयागराज के सभागार मे पुस्तक-लोकार्पण और सम्मान-समारोह का आयोजन किया गया। दो चरणो मे आयोजित समारोह के अन्तर्गत सबसे पहले नगर के चर्चित कवि शिवराम […]
-‘ब्रेक अप विद सुट्टा’ अभियान ने देशभर में ‘चाय-सुट्टा’ की आदत को दी चुनौती-इस अभियान से जुड़कर हजारों लोगों ने स्वेच्छा से सिगरेट छोड़ने का लिया संकल्प नई दिल्ली, 31 मई 2026: भारत में लाखों […]