कमला नेहरू एजुकेशनल सोसाइटी की आवंटित भूमि पर चला बुलडोजर

अवनीश मिश्रा :

लंबे समय से करोड़ों कि जमीन को लेकर चले आ रहे विवाद के चलते रायबरेली जिले में कमला नेहरू एजुकेशनल सोसायटी को प्रशासन ने अवैध बताते हुए देर रात बुलडोजर चलवा कर निर्माण को ध्वस्त कर दिया।

रायबरेली जिले के सिविल लाइन्स चौराहे के नजदीक करोड़ों की जमीन पर बने कमला नेहरू एजुकेशनल सोसायटी को प्रशासन ने अवैध बताकर उसपर बुलडोजर चलवा कर साफ़ करा दिया। बीते कुछ महीनों से ये मामला सुर्खियों में भी रहा। प्रशासन लगभग ४० वर्षों से ज्यादा समय से रह रहे कब्जेदारों से ये भूखंड खाली करवाने के प्रयास में था।

इस पूरे भूखंड को खाली करवाने को लेकर जिला प्रशासन ने यह दलील दी की कोर्ट के आदेश के तहत इस पूरी कार्यवाही को अंजाम दिया गया है लेकिन जिस तरह से अंधेरे में इस कार्यवाही को किया गया है ये कही ने कहीं प्रशासन के ऊपर बनाए गए दबाव की तरफ इशारा करता है। प्रशासन इस भूखंड को खाली करवाने के प्रयास में काफी समय से लगा था लेकिन कभी जनप्रतिनिधियों तो कभी कब्जेदारों का विरोध प्रदर्शन भी आड़े आ जाता था इसीलिए गुपचुप तरीके से इस कब्जे को खाली करवाने की योजना बनाई गई। कब्जेदारों को प्रशासन द्वारा ये सूचना भी दे दी गई थी कि सुबह इस निर्माण को खाली करवाया जायेगा लेकिन अचानक से मिली सूचना के चलते कई कब्जेदार अपनी दुकानों को ना हटा सके।

मंगलवार देर रात से ही पूरे इलाके में प्रशासन की गहमा गहमी दर्शा रही थी कि प्रशासन किसी बड़ी कार्यवाही की फिराक में है, पुलिस की गाडियां भी सिविल लाइन्स के आस पास के चक्कर काटने लगी थी और बुधवार सुबह एडीएम प्रशासन राम अभिलाष, एडिशनल एसपी विश्वजीत श्रीवास्तव, सीओ सिटी अंजनी कुमार चतुर्वेदी और कई थानों की फोर्स ने मौके पर पंहुच कर निर्माण को ध्वस्तीकरण करवाने की कार्यवाही शुरू कर दी।

प्रशासन ने 153 लोगों को जारी की थी नोटिस

कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने १५३ लोगों को नोटिस भी जारी किया था। चार दिन पहले भी प्रशासन इस कब्जे को हटवाने के उद्देश्य से गया था और कब्जेदारों की दुकानों के बिजली के कनेक्शन काट दिए गए थे जिसके बाद हाईवे पर लोगों द्वारा जम कर हंगामा भी हुआ था इसके कारण प्रशासन को उल्टे पांव वहां से वापस लौटना पड़ा था।