आदित्य त्रिपाठी- प्रबन्ध सम्पादक …..indianvoice24.com…..आदित्य त्रिपाठी-
खुद को केन्द्रीय कर्मचारी घोषित करने की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है । अपनी कई माॅगों को लेकर कार्यकत्रियाॅ विगत कई दिनों से आन्दोलनरत हैं । लखनऊ में हुए आन्दोलन में सरकार द्वारा कराए गए लाठीचार्ज में एक कार्यकत्री की मौत हो गई थी जिसके बाद से आन्दोलन ने उग्र रूप धारण कर लिया ।
बताते चलें कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाॅ पिछले 45 वर्षों से कार्यरत हैं । सरकार द्वारा इनका उपयोग बहुउद्देशीय कर्मचारियों के रूप में किया जाता रहा है और पारितोषिक के स्थान पर सरकार द्वारा इन्हे मिला है तो सिर्फ उपेक्षा का दंश । अभी तक सरकारों द्वारा इन्हें कोरे आश्वासनों का झंझुना ही थमाया जाता रहा है । पिछले विधानसभा चुनाव के समय भाजपा ने कार्यकत्रियों के नियमितीकरण/मानदेय वृद्धि की बात अपने घोषणा-पत्र में की थी । प्रदेश में भाजपा की सरकार बने लगभग 8 महीने होने को हैं परन्तु सरकार अपने वादे के विपरीत निर्दोष कार्यकत्रियों पर लाठीचार्ज करवा रही है ।
कार्यकत्रियों के शोषण के खिलाफ हो रहे आन्दोलन को गति देने के लिए महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने विकास खण्ड बेहन्दर में बैठक कर कार्यकत्रियों से सहयोग करने की अपील की । जिलाध्यक्ष और प्रदेश उपाध्यक्ष रीता सिंह ने कहा कि सरकार हमें मूर्ख बनाने के सिवा और कुछ नहीं कर रही है । शोषण अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । सरकार मुख्यसेविका के रिक्त पदों पर शीघ्र ही शत-प्रतिशत आँगनबाड़ी कार्यकत्रियों का समायोजन सुनिश्चित करें । आँगनबाड़ी कार्यकत्रियों को केन्द्रीय कर्मचारी घोषित किया जाए और जब तक समायोजन नहीं होता तब तक न्यूनतम मजदूरी के रूप में 15000 रू. और सहायिकाओं को 7500 रू. की व्यवस्था की जाए । संघ की माँगों पर सरकारों द्वारा जो पिछले समझौते हुए उनका अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए । कार्यक्रम के दौरान सण्डीला तहसील के संरक्षक राकेश कुमार, तहसील प्रभारी सुनैना सिंह, बेंहदर विकास खण्ड के संरक्षक बलराम सिंह आदि के साथ ही परियोजना से सम्बद्ध सैकड़ों कार्यकत्रियाँ उपस्थित रहीं ।