अंतरजातीय विवाह और खाप पंचायत पर उच्चतम न्यायालय ने महत्वपूर्ण निर्णय दिया है । अंतरजातीय विवाह करने वाले बालिग पुरूष और महिला पर खाप पंचायतों और संघों के हमलों पर उच्चतम न्यायालय ने कहा कि यह पूरी तरह गैर कानूनी हैं । कल प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्र की अध्यक्षता वाली पीठ ने एक मामले में कहा कि कोई भी बालिग पुरूष और महिला अपनी पसंद का विवाह कर सकता है । खाप पंचायत, व्यक्ति या समाज उन पर कोई सवाल नहीं उठा सकता । मामले की अगली सुनवाई पांच फरवरी को होगी ।