ड्राइवरों और ट्रैफिक निरीक्षक के बीच हुई नोक-झोंक, मौके पर मिले लोगों ने लगाया अवैध वसूली का आरोप 

हरदोई – नवंबर माह यातायात माह माना जाता है। इसे लेकर आए दिन पुलिस वाहनों की चेकिंग भी करती रहती है।इसी कड़ी में यातायात निरीक्षक कुछ वाहनों के कागज लेकर जांच कर रहे थे। इसी बीच ड्राइवरों और ट्रैफिक पुलिस के बीच जमकर हंगामा शुरू हो गया। मामला मारपीट तक पहुंच गया जिससे प्रभारी निरीक्षक गाड़ी के कागज छोड़कर मौके से भाग खड़े हुए। वहीं ड्राइवरों का आरोप है कि उसे जबरदस्ती अवैध वसूली की जा रही थी।
मामला जिला अस्पताल के गेट के पास का है।मंगलवार की सुबह करीब 10:30 बजे कुछ प्राइवेट एंबुलेंस व अन्य डग्गामार वाहन खड़े हुए थे।इसी बीच लोगों के मुताबिक यातायात निरीक्षक धर्मेंद्र अपने हमराही ओं के साथ मौके पर पहुंचे।जहां पर उन्होंने मौके पर मौजूद ड्राइवरों से गाड़ियों के कागज ले लिए। इसके बाद ड्राइवरों का आरोप है कि उन्होंने उनसे वहां से वाहन हटाने के लिए कहा।इस पर उन्होंने पूछा आखिर वह लोग कहां जाएं।बदले में उनसे रुपए की मांग की।इसी बात से सभी ड्राइवर खफा हो गए, और निरीक्षक पर अवैध वसूली का आरोप लगाकर हंगामा काटने लगे।प्रत्यक्षदर्शी लोगों के मुताबिक कहीं न कही प्रभारी निरीक्षक की ही कमी थी। जिसकी वजह से उनको गाड़ी के कागज छोड़कर मौके से भागना पड़ा। यही नहीं दोनों के बीच मारपीट भी होने की संभावना बढ़ गई थी। इस बात को लेकर लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

इसके पहले भी भ्रष्टाचार में हटाए गए थे यातायात निरीक्षक 

वहीं लोगों की माने तो यह समय यातायात निरीक्षक के पद पर तैनात किए गए हैं।वह इसके पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप में उनको हटाया गया था। लेकिन आला अफसरों की उदासीनता के चलते उनको फिर से उसी पद की जिम्मेदारी दे दी गई है। आप इसी से अंदाजा लगा सकते हैं कि किस तरह से कितना ईमानदारी से काम हो सकता है। हैरानी की बात है।जिले के आला अफसर भी इस बात पर जरा सा ध्यान नहीं दे रहे हैं।जिसकी वजह से आम लोग भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे है।