लाकडॉउन में भी नहीं थम रहा भू-माफियाओं का आतंक

● नगर पंचायत अझुवा के वार्ड नंबर 2 अंबेडकर नगर स्थित सौंदर्यीकरण हेतु निर्माणाधीन धोबीघाट तालाब के हिस्से पर मोहल्ले का ही एक दबंग करा रहा अवैध निर्माण ।

देश में चल रही कोरोना की महाआपदा से निपटने में जहां जिले का पूरा सरकारी अमला जुटा है वहीं भूमाफिया इसे सुनहरे समय के रूप में भुनाते हुए बेशकीमती सरकारी जमीनों को कब्जाने में जुटे हैं । ऐसा ही एक मामला नगर पंचायत अझुवा के वार्ड नंबर 2 अंबेडकरनगर का प्रकाश में आया है जहां मोहल्ले का ही एक दबंग किस्म का व्यक्ति करोड़ों रुपये की लागत के सरकारी धन से सौन्दर्यीकरण हो रहे धोबीघाट तालाब के बेशकीमती हिस्से में अवैध रूप से निर्माण करा रहा है। कब्जे वाले तालाब के बगल में ही उसके परिवार का सदस्य मोहल्ले के ही एक व्यक्ति से पूर्व में मकान खरीद चुका है, ऐसे में बगल के तालाब की जमीन पर उसकी नीयत खराब हो गई और उस पर नींव और शौचालय का गढ्ढा खोदकर अवैध निर्माण कराया जा रहा है । जिसके पीछे के कुछ हिस्से में वह अवैध रूप से कुछ निर्माण करा भी चुका है।

मामले में कुछ जिम्मेदारों की भूमिका भी संदिग्ध है । जबकि अवैध कब्जा कराने की ही नीयत से तालाब पर बन रही बाउंड्रीवाल को अवैध कब्जा धारक व्यक्ति के खरीदे गए मकान के बगल स्थित तालाब की जमीन से न जोड़कर जहां से बाउंड्रीवाल खड़ी की गई है और उसके मकान के बीच लगभग 20-22 फुट जगह खाली छोड़ दी गई थी । ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि कहीं जानबूझकर अपने चहेते व्यक्ति को अवैध कब्जा कराने के लिए ही तो तालाब की कुछ जमीन छोड़कर तालाब की बाउंड्रीवाल खड़ी की गई थी ?शाखा मार्ग से अंबेडकरनगर मलिन बस्ती की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित यह तालाबी जमीन शाखा मार्ग से महज चंद कदम हकी दूरी पर है । ऐसे मे यह बेशकीमती भी है ।

मोहल्ले के लोगों ने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाते हुए कब्जा धारक द्वारा कराए गए अवैध निर्माण को ढहाने और शेष जमीन पर हो रहे निर्माण कार्य को तुरंत रुकवाकर उसे तालाब के हो रहे विकास कार्य मे प्रयुक्त किए जाने की मांग की है।