पाली के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में शून्य परछाई दिवस पर पृथ्वी की परिधि मापने का हुआ अनोखा प्रयोग

रामू बाजपेयी-

पाली (हरदोई)- हम सभी ने बुजुर्गों से सुना है कि परछाई आपका पीछा कभी नहीं छोड़ती । लेकिन नगर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के विज्ञान शिक्षक शत्रुघ्न लाल मिश्र के अनुसार इस सिद्धांत का भी अपवाद है । अमूमन प्रतिवर्ष 2 बार ऐसा समय आता है जब परछाई भी कुछ वक्त के लिए हमारा साथ छोड़ जाती है जिसका प्रयोग विज्ञान क्लब के कोऑर्डिनेटरों ने बुधवार सुबह 11:00 बजे से 1:00 बजे तक किया।

आपको बताते चलें कि नगर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के विज्ञान क्लब सचिव शत्रुघ्न लाल मिश्र ने बताया की कर्क रेखा से भूमध्य रेखा के बीच व भूमध्य रेखा से मकर रेखा के बीच आने वाले स्थान पर शून्य परछाई दिवस आता है । उन्होंने बताया कि साल में मात्र 2 दिन ही सूर्य वास्तविक पूर्व दिशा में उगता है दरअसल 2 दिन ऐसे होते हैं जब सूर्य दोपहर के समय ठीक हमारे सर के ऊपर चमकता है । यही कारण है कि उस समय हमारी परछाई हमारा साथ छोड़ जाती है । परछाई ना बनने के इस घटनाक्रम को खगोल वैज्ञानिक जीरो शैडो डे कहते हैं ।

ये होता है जीरो शैडो डे

जब सूर्य दक्षिण की ओर बढ़ने लगता है तो इसे दक्षिणायन कहते हैं । 22 दिसंबर को सूर्य दक्षिणी गोलार्ध में स्थित मकर रेखा के ऊपर चमकता है जिस दौरान वहां पर गर्मी का मौसम होता है इस दौरान दिन लंबे और रातें छोटी होती हैं। इस दौरान भूमध्य रेखा से दक्षिण में 23.5 डिग्री अक्षांश पर स्थित मकर रेखा पर मौजूद कई स्थानों पर सूर्य की किरणें सीधी पड़ती हैं तब वहां भी दोपहर के समय कुछ पल के लिए शैडो नहीं बनता है ।

इस कार्यक्रम को विज्ञान प्रसार भारत सरकार द्वारा पूरे भारत में विपनेट क्लबों के माध्यम से गतिविधि करवाई गई जिसमें पृथ्वी का अनुमानित आकार व परिधि की गणना का प्रयास किया गया जिसमें पाली के ग्रामांचल विज्ञान क्लब के क्लब सचिव शत्रुघ्न लाल मिश्रा व सदस्यों ने भाग लिया लाक डाउन के कारण प्रयोग को कम संसाधनों में पूर्ण कराया गया।