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अखिल भारतीय क्षेत्रीय बोली संवर्धन आनलाईन वीडियो कवि सम्मेलन सम्पन्न

राजेश पुरोहित, भवानीमंडी

नई दिल्ली : बोली विकास मंच साहित्य संगम संस्थान में आयोजित आनलाईन कवि कार्यक्रम 02 मई 2021को दोपहर 01 बजे से सम्पन्न हुआ,,इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ राकेश सक्सेना, विशिष्ट अतिथि छाया सक्सेना प्रभु, राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवीर सिंह मंत्र झारखण्ड, महासचिव कविराज तरुण सक्षम लखनऊ, मीडिया प्रभारी मिथलेश सिंह मिलिंद आजमगढ़ उप्र , राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राजेश कुमार शर्मा पुरोहित भवानीमण्डी राजस्थान , कार्यक्रम अध्यक्ष कुमार रोहित रोज दिल्ली, कार्यक्रम संचालन डॉ अतुल द्विवेदी अंजाना रीवा मप्र, डॉ विनोद वर्मा दुर्गेश तोषाम हरियाणा, नवीन कुमार भट्ट नीर कार्यक्रम संयोजक उमरिया मध्यप्रदेश , कार्यक्रम संचालन डॉ अतुल द्विवेदी अंजाना ने अपनी पंक्तियां गुनगुनाते हुए कहा कि

अपनी बोली के भाव व एहसास देखिए।
पूरे भारत वर्ष को यहाँ पास-पास देखिए।
बोली विकास मंच में आकर के “अंजाना”,
आयोजन काव्य गंगा का आज खास देखिए।

इन्हीं पंक्तियों के साथ मां सरस्वती वीणावादिनी को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कार्यक्रम का श्री गणेश किया गया,, कार्यक्रम में आमंत्रित कवित्रियों में से से सुषमा पाण्डेय रायगढ़ (छ.ग)बघेलीखण्डी,सुषमा खरे सिहोरा, जबलपुर मध्यप्रदेश हमरो संदेशो लय जाओ मोरे लाल,,लता सगुण खरे बिलासपुर, छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ी काव्यपाठ किए,अर्चना तिवारी भुवनेश्वर, उड़ीशा अमवा के डरिया महुआ के बगिया,,चंद्र देवी स्वर्णकार जबलपुर मध्यप्रदेश कोई आ जइयो रे कोई समझाई होरी नोनी दुल्हनिया के समझे यूरी संगीता मिश्रा गाजियाबाद उत्तर प्रदेश दीवर नदिया पार कराता,सृष्टि मुखर्जी दरभंगा बिहार एहय मिथिला धाम एका बड़ा नाम,प्रेमलता उपाध्याय दमोह, मध्यप्रदेश अब ने काटो ठेरो भैया, पेड़ बचाने रे ,ज्योति सिन्हा मुजफ्फरपुर, बिहार आऊ चलु उडु हमरे संगे हम त बुलबुल हती के साथ उपस्थिति दर्ज कराई, महासचिव कविराज तरुण सक्षम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपस्थित पदाधिकारियों, कवि मनीषियों का साभार ज्ञापित करते हुए कहा कि बोलियो के प्रति वर्तमान में हो रहे कार्यक्रम कुछ न कुछ अलग हट कर संयोजक नवीन कुमार भट्ट नीर के तत्वावधान में संचालित हो रहा है,इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने का मुझे सुअवसर प्रदान करनें के लिए संयोजक नीर का साभार, कविराज तरुण ने कहा कि बोलियो के प्रति हमेशा हितैषी रहा हूं साहित्य संगम संस्थान बोलियो को लेकर इसके संवर्धन हेतु जो वीणा उठाया है निश्चित ही ये अपनी पहचान को मिटने नहीं देगी आज के कार्यक्रम में नवागत संचालक डॉ अंजाना जी बहुत ही शानदार तरीके से कार्यक्रम का संचालन किये उनको भी धन्यवाद देता हूं,उसके उपरांत एक मुक्तक के माध्यम से बात रखता हूं कि

जीवन में दर्द सभी को सहना पड़ता है
पानी बनकर पर्वत सा बहना पड़ता है
चुप रहके कौन समझ पाया है बातों को,
अपने दिल का हाल कभी तो कहना पड़ता है।।

कार्यक्रम में एक ग़ज़ल पढ़कर कार्यक्रम में समां बांधी आज विभिन्न प्रांतों से उपस्थित पदाधिकारियों,कवित्रियों श्रोताओं का कार्यक्रम की समाप्ति तक सभी उत्साह वर्धन कर मैं स्वयं गौरवान्वित महसूस करता हूं ।

इस कार्यक्रम के संयोजक के नाते मै नवीन कुमार भट्ट नीर को यह ज्ञात दिलाना चाह रहा हूं कि साहित्य संगम संस्थान का प्रयास भूलती विसरी बोलियो की वह मिठास खो न जाये इसी प्रयास में बोली विकास मंच पर बोली संवर्धन हेतु दो तीन वर्षों से निरंतर संचालित कर रहा है जो की प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को संचालित होता है। जिसमें देश के विभिन्न प्रांतों से काश्मीर से कन्याकुमारी कुमारी तक के युवा वरिष्ठ कनिष्ठ कवियों द्वारा क्षेत्रीय बोलियो में काव्यपाठ किया जा चुका था बोली विकास में शुभारंभिक दौर पे स्वैच्छिक काव्यपाठ किया कराया जाता था जिसमें पचास से सत्तर प्रतिभागियों का दौर चलता था दो 2 बजे से चलकर रात्रि के दो बज जाते थे।मगर जुलाई 2020 से कुछ अलग हटकर यह कार्यक्रम किया जा रहा है बोली विकास मंच पर होने वाले प्रत्येक माह के प्रथम आदित्यवार को होने वाले कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए पूर्व माह के अंतिम सप्ताह में विज्ञप्ति निकाली जाती है । जिसमें पूर्व नियमावली सहित मौलिकता प्रमाणपत्र के साथ आमंत्रित किया जाता है, उसी विज्ञप्ति के माध्यम से दस प्रतिभागियों को कार्यक्रम में काव्यपाठ के लिए आमंत्रित किया जाता है,जो की अपने क्षेत्रीय बोलियो के माध्यम से क्षेत्रीयता की मिठास को अपने काव्य में गूंथकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने में व इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर अपने आप को गौरवान्वित महसूस करते हैं।आप सबकी सहभागिता से ही क्षेत्रीय बोलियो की मधुरता व संवर्धन को विकसित व सांस्कृतिक रिवाजों को पहचाना जा सकता है। क्षेत्रीय बोली की मिठास को परखें, इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी पदाधिकारियों कवित्रियों व कार्यक्रम के संचालन कर रहे डॉ अंजाना जी का विशेष आभार वंदन कर रहा हूं, महासचिव कविराज तरुण सक्षम जी का विशेष आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने कार्यक्रम के शुभारंभ से अंतिम तक अपनी सहभागिता से कवयित्रियों के काव्यपाठ को सुने व उनका उत्साह वर्धन किए। बहुत बहुत धन्यवाद आज नेटवर्क की कुछ तकनीकी समस्या जरुर रही लेकिन कार्यक्रम सफलतम रूप से सम्पन्न हुआ यही परम सौभाग्य है महासचिव की भावाभिव्यक्ति आगामी कार्यक्रमों में रामबाण साबित होगी,इस कार्यक्रम में रामबाबू प्रसाद,रीता जी झा,लाल बच्चन पासवान,सत्यदीप,राजीव भारती आदि श्रोताओं के रूप में उपस्थित थे। अंत में महासचिव ने कार्यक्रम समापन की घोषणा करते हुए सभी को धन्यवाद ज्ञापित किए।

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