● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
राहुल गांधी की संसदीय सदस्यता का अपहरण कर लेने के अनन्तर उनके संसदीय क्षेत्र ‘वॉयनाड’ इस समय अति संवेदनशील बन चुका है। मुख्य चुनाव-आयुक्त राजीव कुमार ने कर्नाटक-विधानसभा-चुनाव-उप-चुनावों की तिथि (१० मई) घोषित कर दी है; परन्तु वहीं के उस वॉयनाड संसदीय क्षेत्र की सीट पर चुनाव की घोषणा नहीं कर सके, जहाँ से राहुल गांधी जीते थे। जब राजीव कुमार से इसका कारण पूछा गया था तब उत्तर मिला था, “अभी हम इन्तिज़ार करेंगे।”
सच तो यह है कि राजीव कुमार अच्छी तरह से जान चुके हैं कि ‘वॉयनाड’ मे चुनाव कराना, ख़ुद की किरकिरी कराना है; क्योंकि उच्चतम न्यायालय के पारदर्शी न्यायाधीशवृन्द उनको कानूनी दावँ-पेंच (‘दाव, दाँव’ अशुद्ध हैं।) से रगड़ मारेंगे। इतना ही नहीं, अब राजीव कुमार और उनके सहयोगी अधिकारी पूरी तरह से उच्चतम न्यायालय के ‘राडार’ पर हैं।
(सर्वाधिकार सुरक्षित― आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २९ मार्च, २०२३ ईसवी।)