22 नवंबर को आयोजित होगा बंजारा समाज का सम्मेलन

सिद्धान्त सिंह

हमारा समाज का प्रत्येक विधानसभा में पन्द्रह हज़ार से लेकर पचास हजार तक वोटर हैं। हम को कभी भी किसी सरकार में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। लखनऊ के दारुलशफा में ओम प्रकाश नायक सदस्य एस०सी०एस०टी० आयोग उ०प्र० सरकार तथा प्रदेश अध्यक्ष अखिल भारतीय बंजारा महासभा ने एक वार्ता के दौरान कही। उन्होंने ने बताया कि प्रदेश में बंजारा समाज की स्थिति बड़ी ही सोचनीय है।हमको प्रदेश में केवल तेहरह ज़िलों में अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी होता है।शेष प्रदेश में हमारी स्थिति पिछड़ी जाति की है। जबकि बंजारा समाज आर्थिक और सामाजिक स्तर पर हाशिये पर है।
आजादी में अहम भूमिका निभाने वाले नायक बंजारा समाज पर अंग्रेजों ने क्रिमनल एक्ट लगा दिया जिसके तहत सुबह शाम दो बार थानो में हाजरी लगाते थे, जब देश आजाद हुआ 100 सदस्यीय संविधान सभा के नेताओं को ऐसे समाज का ख्याल नहीं आया, देश 1947 में आजाद हुआ मगर बंजारों को आजादी 1952 में मिली जब इस समाज से क्रिमनल एक्ट हटाने की घोषणा की गयी । बंजारा समाज को आजादी के 75 वर्ष बाद भी कोई जातीय सर्वे नहीं हुआ और यह समाज आज भी मुख्य गावों से दूर अलग से इस समाज की बस्तियां है। जो नगला डेरा, टाड़ा पुरवॉ मंजरा आदि के नाम से जानी जाती है।

ओम प्रकाश नायक ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से नायक बंजारा समाज के प्रतिनिधिगण लखनऊ में होने जा रहा बंजारा समाज का समरसता सम्मेलन आगामी 22 नवंबर को विश्व सरैया पीडब्ल्यूडी आडीटोरियम राजभवन के सामने लखनऊ में होने जा रहा है। बंजारा समाज हिन्दूवादी समाज है। क्योंकि यदि कोई कट्टर हिन्दू है तो वह बंजारा समाज । बंजारा समाज का कार्यकर्ता सम्मेलन लखनऊ में आयोजित करने और अपनी व्यथा को सरकार और संगठन के माध्यम से समाज की समस्याओं का निराकरण कराया जाय, मुख्यमंत्री जी, दोनों उपमुख्यमंत्री जी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष , कई मंत्रीगण, केन्द्रीय मंत्री व सांसदों को आमंत्रित कर यह समाज एक बार फिर भाजपा में अपनी आस्था व्यक्त कर अपना समर्थन भाजपा को देगा साथ ही संगठन व सरकार से अपेक्षा करेगा कि समाज की फरियाद सुनकर समाज के सपनो को साकार करें।

22 नवंबर को बंजारा समाज का सम्मेलन

हमारा समाज का प्रत्येक विधानसभा में पन्द्रह हज़ार से लेकर पचास हजार तक वोटर हैं। हम को कभी भी किसी सरकार में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। लखनऊ के दारुलशफा में ओम प्रकाश नायक सदस्य एस०सी०एस०टी० आयोग उ०प्र० सरकार तथा प्रदेश अध्यक्ष अखिल भारतीय बंजारा महासभा ने एक वार्ता के दौरान कही।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में बंजारा समाज की स्थिति बड़ी ही सोचनीय है। हमको प्रदेश में केवल तेहरह ज़िलों में अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी होता है।शेष प्रदेश में हमारी स्थिति पिछड़ी जाति की है। जबकि बंजारा समाज आर्थिक और सामाजिक स्तर पर हाशिये पर है।

आजादी में अहम भूमिका निभाने वाले नायक बंजारा समाज पर अंग्रेजों ने क्रिमनल एक्ट लगा दिया जिसके तहत सुबह शाम दो बार थानो में हाजरी लगाते थे, जब देश आजाद हुआ 100 सदस्यीय संविधान सभा के नेताओं को ऐसे समाज का ख्याल नहीं आया, देश 1947 में आजाद हुआ मगर बंजारों को आजादी 1952 में मिली जब इस समाज से क्रिमनल एक्ट हटाने की घोषणा की गयी । बंजारा समाज को आजादी के 75 वर्ष बाद भी कोई जातीय सर्वे नहीं हुआ और यह समाज आज भी मुख्य गावों से दूर अलग से इस समाज की बस्तियां है। जो नगला डेरा, टाड़ा पुरवॉ मंजरा आदि के नाम से जानी जाती है।
ओम प्रकाश नायक ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से नायक बंजारा समाज के प्रतिनिधिगण लखनऊ में होने जा रहा बंजारा समाज का समरसता सम्मेलन आगामी 22 नवंबर को विश्व सरैया पीडब्ल्यूडी आडीटोरियम राजभवन के सामने लखनऊ में होने जा रहा है।

बंजारा समाज हिन्दूवादी समाज है। क्योंकि यदि कोई कट्टर हिन्दू है तो वह बंजारा समाज । बंजारा समाज का कार्यकर्ता सम्मेलन लखनऊ में आयोजित करने और अपनी व्यथा को सरकार और संगठन के माध्यम से समाज की समस्याओं का निराकरण कराया जाय, मुख्यमंत्री जी, दोनों उपमुख्यमंत्री जी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष , कई मंत्रीगण, केन्द्रीय मंत्री व सांसदों को आमंत्रित कर यह समाज एक बार फिर भाजपा में अपनी आस्था व्यक्त कर अपना समर्थन भाजपा को देगा साथ ही संगठन व सरकार से अपेक्षा करेगा कि समाज की फरियाद सुनकर समाज के सपनो को साकार करें।