● भूमाफियाओं व लेखपाल की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज बनाकर विधवा की जमीन हड़पने का आरोप, महिला ने जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार।
कछौना (हरदोई) : कोतवाली क्षेत्र कछौना में भूमाफियाओं द्वारा लेखपाल से मिलीभगत करके फर्जी/कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर एक विधवा महिला की जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। महिला ने जिलाधिकारी व उपजिलाधिकारी संडीला को शिकायती पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराते हुए दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाई करने की मांग की है।
बताते चलें कि कछौना कोतवाली के अंतर्गत कछौना कस्बे के मोहल्ला ठाकुरगंज की निवासिनी चन्द्रवती पत्नी स्व० रमेश सिंह के नाम ग्रामसभा पतसेनी देहात में गाटा संख्या 2000 (क) के अंतर्गत भूमि दर्ज़ है। जिसकी वह संक्रमणीय भूमिधर है। वहीं बगल में स्थित गाटा संख्या 2000/3(ख) जिसका पूर्व में अवैध पट्टा गुरू पुत्र छोट्टा निवासी मोहल्ला काशीनगर (कछौना) के नाम हुआ था । उसने (गुरु ने) दिनांक 14/08/2020 को ग्राम कलौली (कछौना) निवासी रविकांत वर्मा पुत्र ओमप्रकाश के नाम फर्जी तरीके से बैनामा करते हुए उक्त गाटा संख्या के सह खातेदारों को बिना सूचना दिए/बिना सहमति के संपूर्ण भूमि का स्वयं ही अकेले विक्रय कर दिया। जबकि उक्त गाटा संख्या राजस्व अभिलेखों में संयुक्त रूप से दर्ज है। पास में ही गाटा संख्या 2000(ख) है जोकि ग्राम समाज के नाम दर्ज है।
क्षेत्र में सक्रिय भूमाफियाओं द्वारा राजस्वकर्मियों की मिलीभगत से; ऐसे भूखंड जिनके आसपास ग्राम सभा की खाली जमीन पड़ी हो; उसे खरीद कर बोनस के रूप में ग्राम सभा की जमीन भी हथिया लेने के लिए अनेक हथकंडे अपनाए जाते हैं। ऐसी सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्ज़ा कर भूमाफियाओं द्वारा प्लाटिंग कर बिक्री करने का काम किया जा रहा है। इसी उद्देश्य के चलते दिनांक 09/09/2020 को प्रार्थिनी के विपक्षी गुरु ने लेखपाल संजीव यादव से मिलीभगत करके उक्त गाटा से संबंधित सभी खातेदारों को बिना सूचना दिए व सक्षम अधिकारी के आदेश के बिना भूमि की पैमाइश कराना शुरू कर दिया। प्रार्थिनी द्वारा पैमाइश पर आपत्ति करने पर विपक्षी गुरु ने ऐलानिया जानमाल की धमकी देते हुए प्रार्थिनी की भूमि व ग्रामसभा की सार्वजनिक भूमि (गाटा 2000 ख) पर अवैध कब्जा करने की नीयत से जबर्दस्ती नींव डालकर पक्का निर्माण करना शुरू कर दिया। वहीं प्रार्थिनी ने जब सह खातेदारों को बिना सूचना दिए पैमाइश करके विधि विपरीत कार्य करने के संबंध में लेखपाल संजीव यादव से बात की तो उसने भी प्रार्थिनी को धमकाते हुए कहा कि मुझे पैमाइश करने के लिए किसी अधिकारी के आदेश की जरूरत नहीं है। जैसा मैं चाहूंगा वैसा करूंगा।
प्रार्थिनी ने यह भी बताया कि उसकी भूमि को यह लोग जबरन तरीके से कब्जाना चाहते हैं। विपक्षी गुरु पुत्र छोट्टा ग्राम सभा पतसेनी देहात के मूल निवासी भी नहीं हैं। इसके बावजूद राजस्वकर्मियों व प्रधान की मिलीभगत से गाटा संख्या 2000/3(ख) का पट्टा पूर्व में अनाधिकृत रूप से गुरु पुत्र छोट्टा व दयावती पत्नी गुरु निवासी भवानीपुर (पतसेनी देहात) के नाम किया गया था, जबकि यह लोग भवानीपुर के निवासी न होकर कछौना कस्बे के मोहल्ला काशीनगर के मूल निवासी हैं। साथ ही लेखपाल संजीव यादव ने दिनांक 09/09/2020 को पैमाइश के बाद मनमाफिक स्पॉट-मेमो बनाकर लोगों के फर्जी हस्ताक्षर बनाएं हैं।
प्रार्थिनी ने पूरे मामले की जिलाधिकारी व उपजिलाधिकारी संडीला से लिखित शिकायत करते हुए भ्रष्ट लेखपाल व विपक्षियों गुरु, रविकांत के विरुद्ध मुक़दमा दर्ज़ करने की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
लेखपाल के संरक्षण के चलते विपक्षियों के हौसले बुलंद हैं।उक्त सभी मिलकर एक असहाय व विधवा महिला की कीमती जमीन हड़प कर लेना चाहते हैं। जिसके चलते प्रार्थिनी व उसका परिवार मानसिक रूप से काफी प्रताड़ित महसूस कर रहा है ।
ज्ञात रहे कि इसके पूर्व में भी कई ग्राम पंचायतों व कस्बे में तैनात लेखपालों द्वारा खाऊ-कमाऊ नीति अपनाकर पट्टा वितरण में अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। पूर्व में कछौना कस्बे में लेखपाल रहे सुमित कनौजिया, रमाकांत शुक्ला आदि ने अभिलेखों में हेराफेरी कर नगर पंचायत की बेशकीमती जमीनों का भूमाफियाओं/रसूखदारों को अवैध आवंटन किया था। मामले की डीएम से शिकायत होने के बाद जांचोपरांत तत्कालीन लेखपाल रमाकांत शुक्ला (लेखपाल से पदोन्नत होकर राजस्व निरीक्षक बन गए थे) के द्वारा किए गए भ्रष्टाचार के विरुद्ध आरोप तय होने पर मामला दर्ज किया गया। ग्राम पंचायतों में भी तैनात कई लेखपालों ने ग्राम प्रधानों/भूमाफियाओं से सांठगांठ कर, मोटी रकम लेकर ग्रामसभा की जमीनों पर मनमाफिक तरीकों से अवैध पट्टे किये हैं। जिसके फलस्वरूप राजस्व से संबंधित विवादों के कई मामले सामने आए हैं।
रिपोर्ट : एस.बी. सिंह सेंगर