- पुलिस ने कहा दोनों की बीमारी से मौत, जहरीली शराब की बात अफवाह
हरदोई- संदिग्ध अवस्था में पचदेवरा थाना क्षेत्र में दो लोगों की मौत हो गयी।एक युवक के शव का परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया जबकि दूसरे के परिजनों का इंतजार किया जा रहा था।हालांकि गांव के लोग जहरीली शराब से मौत की चर्चा कर रहे हैं लेकिन पुलिस ने बीमारी से मौत की खबर बताई है।
पचदेवरा थाना क्षेत्र के अनंगपुर गांव निवासी शिवनाथ सिंह (45) एवं चौधरी सिंह उर्फ पिलपिली (40) दोनों जिगरी दोस्त थे। गांव में रहकर यह खेती किसानी करते थे। लोगो के मुताबिक अक्सर यह लोग साथ साथ बैठकर शराब के जाम लड़ाते थे। बताते हैं कि गुरुवार की रात को भी शिवनाथ ने अपने घर के बाहर बंगले में बैठकर चौधरी के साथ शराब पी थी। लेकिन इन दोनों को इस बात का जरा भी अंदाजा नही था, कि यह जहरीली शराब उनकी मौत की बजह बन जाएगी। शराब पीने के बाद शिवनाथ अपने घर मे चारपाई पर सो गया। वही शराब पीने के बाद चौधरी भी चला गया। परिजनों को सुबह शिवनाथ मृत अवस्था मे मिले, जबकि खेतो की ओर गए ग्रामीणों को भी चौधरी का शव गांव से कुछ दूरी पर सुंदरलाल की बगिया के पास पड़ा मिला। हालांकि प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों के मुताबिक शव के पास खून भी पड़ा मिला।हालांंकि दोनों के परिजन शराब पीने की बजह से मौत होना बता रहे है।
ग्रामीणों के मुताबिक चौधरी के शव का गर्रा नदी के किनारे पिपरिया घाट पर जलप्रवाह कर दिया गया। वही रिश्तेदारों के आने की बजह से शिवनाथ के शव का अभी तक अंतिम संस्कार नही किया गया था। फिलहाल पचदेवरा थानाध्यक्ष महेशपाल सिंह ने शराब पीने से हुई मौत की बात को झुठलाते हुए बताया कि दोनों की मौत बीमारी से हुई हैं।एसपी विपिन कुमार मिश्र ने भी बताया कि जहरीली शराब की बातें अफवाह है दोनों ही बीमार थे और दोनों की मौत की बात जांच के बाद सामने आई किसी भी परिजन ने कोई शिकायत भी नही की है।
शराब के साथ जुएं की भी थी लत
चौधरी सिंह को शराब के साथ साथ जुएं की भी लत थी। इसी बजह से चौधरी ने अपने पैतृक खेत को भी बेच दिया था। चौधरी की इन्ही हरकतों से तंग आकर उनकी पत्नी अपने दोनों बच्चों को लेकर चली गई थी। वह अपने बहनोई के पास रहने लगी थी। हालांकि सौभाग्य से साढ़े पांच बीघा खेत चौधरी के नाम पर निकल आया। जिसका वह इंतखाब भी निकलवा लाया था। यह बात उसके परिजनों को भी पता चल गई थी। वह लोग यह खेत अपने नाम करवाना चाहते थे। लेकिन चौधरी यह खेत बेचना चाहता था। इसीलिए कयास यह भी लगाए जाते है कि हो सकता हैं चौधरी की इसी जमीन के लालच में कहीं हत्या न कर दी गई हो। इन कयासों को बल और तब मिल जाता हैं जब परिजनों का पुलिस को सूचना दिए बगैर और बिना पोस्टमार्टम के शव का आनन फानन जल प्रवाह कर दिया गया। हालांकि जानकारी मिलने पर चौधरी की पत्नी भी आ गई थी। लेकिन उसने किसी प्रकार का कोई आरोप नहीं लगाया।