रेडियोलॉजिस्ट के बिना चल रहा है जिला अस्पताल

                   उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भले ही प्रदेश में बेहतर स्वास्थ सेवाएं गरीबो के लिए मुफ्त में दिए जाने की बात कह कर  अपने आप अपनी पीठ थपथपा रही हो लेकिन हकीकत के पटल पर वास्तविकता में ये नहीं हो रहा है। आज भी गरीबो को मुफ्त में स्वास्थ सेवायें मुहैया नहीं हो पा  रही हैं जिसका जीता जागता उदहारण है हरदोई का जिला अस्पताल और उसका एक्सरे और अल्ट्रासाउंड विभाग। जहाँ करीबन 35 दिनों से रेडियोलॉजिस्ट डाक्टर न होने से सभी कार्य ठप पड़े है और मरीज नर्सिंगहोमो में इलाज करवाने को मजबूर है। स्वास्थ्य अधिकारी भी मजबूर है और शासन के ऊपर सारे आरोप मढ़कर अपना पल्ला झाड़ रहे है।
                    हरदोई जिले के जिला सरकारी अस्पताल में इन दिनों डाक्टरों की भारी  कमी के चलते मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।यहां ह्रदय विभाग का डाक्टर  भी नहीं है।अन्य कई विभागों के डाक्टर नहीं है। सबसे अहम रेडियोलॉजिस्ट डाक्टर भी नहीं  है जो सबसे अहम् डाक्टर होते है। रेडियोलॉजिस्ट की कमी  के कारण मरीजों के अलावा डाक्टरों को भी मरीज देखने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एक्स रे और अल्ट्रासाउंड मशीने महज शो पीस बनी खड़ी  है।
                     4 अप्रैल को भाजपा कार्यकर्ताओ द्वारा एक रेडियोलॉजिस्ट डाक्टर शेर सिंह से बदसलूकी करने के कारन वो भी अस्पताल छोड़ कर चले गए और तभी से सीतापुर का चार्ज देख रहे है लेकिन हरदोई नहीं आ रहे है । जिस कारण से उनके बिना एक्सरे और अल्ट्रासाउंड का  काम पूरी तरह से बंद हो गया । क्योकि ये काम डाक्टरों की पहली प्रक्रिया है जिसके बाद ही डाक्टर मरीजों का इलाज कर पाते है। साथ ही पुलिस व पीड़िताओं को भी अब लखनऊ और सीतापुर के चक्कर लगाने पड़ रहे है। जब ये सेवायें ही बाधित हो गयी है तो अंदाजा लगाया जा सकता है की अस्पताल में मरीजो का क्या  हाल हो रहा  होगा।
                   एक्सरे विभाग में मरीजों की भारी भीड़ लगी रही लेकिन वहां न तो किसी का मेडिकल लीगो एक्सरे का कार्य हुवा और नहीं अल्ट्रासाउंड किये गए और मरीजों को वापस कर दिया गया।हड्डी विभाग और पेट से सम्बंधित मरीजों को तो काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।ये आज ही नहीं करीबन 30 दिनों से हालात जिला अस्पताल में चल रहे है।एक्सरे विभाग के  कर्मचारियों ने मशीन बंद की स्लिप लगाकर मरीजों को मना  करना शुरू कर दिया है कि  एक्सरे और अल्ट्रासाउंड यहाँ नहीं हो पायगा जिस कारन से डाक्टरों और मरीजों दोनों को काफी समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है।कारन कोई भी हो लेकिन फिलहाल गरीब मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना  करना पड़ रहा है और रेडियोलॉजिस्ट की कमी के  कारन  लगभग सभी स्वास्थ सेवायें  बाधित हो गई  है। अगर यही हालत रहे तो जिला अस्पताल से गरीब मरीजों को मुफ़्त में इलाज की बात तो दीगर है यहाँ से मरीजों का  मोह ही भंग  हो जायेगा और लोग प्राइवेट नर्सिंग होमो में अपना इलाज महंगे खर्चे पर करवाने को मजबूर हो जायेगे। जिला अस्पताल के डाक्टर मरीजों को लखनऊ रिफर करने की बात कह कर टरका  रहे है। हालात  इस कदर बिगड़ चुके है की इसका सिर्फ अंदाजा ही लगाया जा सकता है।
                     मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर राम वीर  सिंह से जब इस बावत बात की गई तो उन्होंने  अपनी  मज़बूरी जाहिर कर दी और जिला अस्पताल  में डाक्टरों और रेडियोलॉजिस्ट की कमी का दुखड़ा रोने लगे–उन्होंने पूर्व  डाक्टर पर भाजपा कार्यकर्ताओ द्वारा की गई बदसलूकी का हवाला दिया।उन्होंने कहा शासन को भी इसकी जानकारी दी जा चुकी है लेकिन अभी तक कोई रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं की गई है।यह कह कर उन्होंने भी अपना पल्ला झाड़ लिया आखिर गरीब मरीज कहाँ जाए इसका जवाब किसी के पास नहीं है।