वादे राजनीति के : योगी राज में बदहाली पे आँसू बहाता जिला अस्पताल 

योगी सरकार का सपना है की सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाएं हाई टेक हो जिससे वहा आने वाले मरीजों को सरकार द्वारा बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सके। पर हरदोई के जिला अस्पताल के हालात बद से बद्द्तर नजर आने लगे है। यहाँ के अधिकारियो से लेकर कर्मचारियों तक शासन ,प्रशासन का कोई डर नहीं है। खुदा न खस्ता अगर आपका मरीज मरने की हालत में हो और आप जिला अस्पताल पहुंच जाते हो तो आपको स्ट्रक्चर नहीं मिलेगा ,आप स्वयं अपने मरीज को गोद में लेकर वार्ड तक ले जाए ,और अगर डॉक्टर ने एक्सरे लिख दिया तो भी आप अपने मरीज को स्वयं हाथो में उठा कर जाए। ऐसा नहीं है की अस्पताल में स्ट्रेक्चर नहीं है ,वो भी है पर दवाइया ढोने और ग्लूकोस के बोतल वार्डो में ले जाने के लिए ,यही पे ये मामला नहीं रुकता जानवरो का भी अस्पताल के अंदर आवागमन रहता है उनको रोकने टोकने वाला कोई नहीं ,कही पे अस्पताल परिसर में कुत्ते कबड्डी खेलते नजर आएंगे तो कही पर जानवर वार्डो के अंदर नजर आएंगे। कुछ ऐसे ही मामले की पांच तस्वीरें कैद हुई कैमरे में। जो हरदोई के जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करती है।
पहली तस्वीर से हम रूबरू कराएँगे जो जिला चिकत्सालय की है भारी संख्या में मरीज इकट्ठा है। एक मरीज अपनी पत्नी  को गोद में लेकर भागा चला जा रहा है हमारे कैमरे में वो तस्वीर कैद हो गई। मरीज की पत्नी की हालत बहुत दयनीय है ,डॉक्टर ने एक्सरे लिखा है। पर अस्पताल में स्ट्रेक्चर न मिलने पर वो स्वम अपनी पत्नी को गोद में लेकर एक्सरे विभाग तक ले गया। क्या कहता है अस्पताल व्यवस्था पे मरीज को ढोने वाले आप खुद ही सुनिए। दूसरी तस्वीर महिला अस्पताल की है जहा एक कुत्ता अस्पताल परिसर में कबड्डी खेलता नजर आ रहा है कभी वो चार पहिया वाहन की छत पर लोट्ता है कभी नीचे परिसर के अंदर भगता नजर आता है ,जबकि यहाँ गर्भवती महिलाओ की डिलीवरी होती है और छोटे -छोटे बच्चे इस अस्पताल में होते है। पर इसका कोई असर यहाँ के आला अधिकारियो पर नहीं पड़ता ,भर्ती मरीजों के परिजनों के अनुसार ये रोज का नियम है और कुत्ते कभी महिला अस्पताल के अंदर कभी बाहर धमाचौकड़ी मचाते रहते है कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है। तीसरी तस्वीर है ,अति सवेदनशील वार्ड की जी हां ये तस्वीर है ,ह्रदय रोग विभाग के आई सी सी यू की जहा वार्ड के अंदर जमीन पे कुछ लोग आराम से खाना खा रहे है और पास में एक गाय खड़ी है। कुछ देर तक मरीजों के संग आये परिजन खदेड़ते रहे पर जब वो नहीं निकली तो हथो में रोटी लेकर परिजन किस तरह  बाहर कर रहा है ,इससे आप अंदाजा लगा सकते है की उस समय भी इस वार्ड के रख रखाओ के लिए कोई कर्मचारी तैनात नहीं है।
चौथी तस्वीर है स्ट्रेचर की है । जी हां मरीजों के लिए तो नहीं है इसकी सविधा पर है वार्डो में ग्लूकोस और मेडिसीन पहुंचाने के लिए जरूर है। इससे आप अंदाजा लगाया जा सकता है की जिला अस्पताल के हालत कितनी दयनीय हालत में है। पांचवी तस्वीर महिला अस्पताल के वायरल हुए विडिओ की है। इस वीडियो में एक नर्स किस तरह एक बच्चे के पैदा होने पर पैसो की डिमांड कर रही है। इन सब तस्वीरों से साफ़ है की हरदोई के जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं कितनी छिन्न भिन्न हालत में है। इस सन्दर्भ में जब व्यवस्थाओ को लेकर सी एम एस से जानकारी ली गई तो कैमरे के सामने घिसा पीटा एक ही वाक्य दोहराते दिखे की जांच करवा कर कार्यवाही की जाएगी। योगी सरकार जहा चिकत्सा को लेकर जहा शख्त दिख रही है। वही जिला अस्पताल की ये करतुते शर्मशार करने वाली है ,ऐसे में प्रश्न ये उठता है की हरदोई में इन व्यवस्थाओ को योगी सरकार कैसे  दुरुस्त करेगी , कैसे लापरवाह अधिकारियो पे लगाम लग सकेगी , जिससे जिला अस्पताल भी एक आदर्श अस्पताल बन सके।