हरदोई– कथित भाजपाई व शराब माफिया रामजी गुप्ता की मुसीबत और बढ़ गयी है। लाखों रुपये की पकड़ी गई जहरीली ब्रांडेड कंपनियों की नकली शराब के मामले में उसके साथ उसके भाइयों व पत्नी पूर्व पालिकाध्यक्ष की करीब 1 करोड़ 31 लाख रुपये की सम्पत्ति कुर्क करने के आदेश जारी किये है जिसके बाद से हड़कंप की स्थिति बनी है।
बता दें कि नगर निकाय चुनाव के दौरान तत्कालीन नगर पालिकाध्यक्ष सांडी रीतू गुप्ता के कथित भाजपा नेता पति रामजी गुप्ता के शराब ठेकों से भारी मात्रा में लाखों रुपये की ब्रांडेड कंपनियों की जहरीली शराब बरामद हुई थी जिसके बाद तत्कालीन डीएम शुभ्रा सक्सेना ने इसकी आठ दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर पूरे प्रदेश में इसे ब्लैकलिस्ट की श्रेणी में डालने की कार्यवाई की थी।हालांकि रामजी गुप्ता ने अपने धन बल व राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल किया और कोर्ट से स्टे ले आया था और बेखौफ होकर घूम रहा था लेकिन नगर निकाय चुनाव में अपनी पत्नी के लिए साड़ी व रुपये बांटते समय पुलिस ने धर दबोचा था और जेल भेज दिया था उसके बाद से इसके विरुद्ध कार्यवाई की प्रक्रिया चल रही थी।
डीएम पुलकित खरे ने इस मामले में अब इनके विरुद्ध कार्यवाई करते हुए रामजी गुप्ता उसकी पत्नी रीतू गुप्ता भाई श्यामजी गुप्ता व आशीष गुप्ता निवासी औलादगंज सांडी की 1 करोड़ 31 लाख से अधिक की चल अचल सम्पति कुर्क करने के आदेश जारी करते हुए एसपी विपिन कुमार मिश्र को आदेशित किया है कि कार्यवाई के दौरान आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध कराएं जबकि एसडीएम बिलग्राम को सम्पत्ति के रखरखाव और वाहन के रखरखाव की जिम्मेदारी एआरटीओ को दी है।डीएम की इस कार्यवाई से हड़कंप की स्थिति है।
शराब कारोबारी व सांडी नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष के पति रामजी गुप्ता ग्रामीण क्षेत्रों की हाट बाजारों में घोड़े पर बर्तन की फेरी करने वाले स्व. हरिनरायन गुप्ता के दूसरे नंबर का पुत्र है।शराब माफिया रामजी गुप्ता शराब के खेल में फर्श से अर्श तक पहुंच गया था। शराब माफिया जेपी गुप्ता के छोटे भाई वेद प्रकाश गुप्ता के साथ होने के बाद पूरे परिवार की किस्मत बदल गई। कई वर्षों तक रामजी गुप्ता ने गांव-गांव वीडीओ पर फिल्म दिखाने का काम किया तथा कस्बे में भी फट्टा टाकीज लगाकर प्रतिबंधित फिल्मों को दिखा कर कमाई की। इसके बाद आर्थिक स्थिति मजबूत होने पर जेपी गुप्ता के माध्यम से अवैध शराब लाकर पूरे क्षेत्र में चोरी छिपे बिक्री शुरू कर दी और स्थिति मजबूत होने पर जेपी गुप्ता के माध्यम से शराब का ठेका लेने का काम शुरू हो गया। आर्थिक स्थिति मजबूत होने पर राजनीति के अखाड़े में भी उतरा और तीन बार रामजी गुप्ता सभासद बने और उनकी पत्नी रीतू गुप्ता बीते कार्यकाल में नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष रहीं।