प्रतिनव मिश्र :

कैंसर जिसे हिंदी में कर्करोग भी कहते हैं। आज के युग में एक ऐसी असाध्य बीमारी बन गई है जिससे हर साल भारत समेत पूरी दुनिया में लाखों लोगों की जान जाती है। डब्लू एच ओ के एक अनुमान के अनुसार 2020 में ही पूरे भारत में लगभग एक करोड मौतें कैंसर के कारण हुई थी।
कैंसर क्या है—:
कैंसर एक ऐसी जानलेवा बीमारी है जिसमें शरीर की कोशिका असामान्य तरीके से बढ़ने लगती है। आमतौर पर हमारे शरीर की कोशिकाएं नियंत्रित तरीके से बढ़ती है और विभाजित होती हैं और इस प्रक्रिया में जब पुरानी कोशिकाएं मर जाती हैं तो उनकी जगह नई कोशिकाएं ले लेती हैं। अगर आसान भाषा में कहें तो हमारे शरीर में हर एक कोशिका एक जींस से नियंत्रित होती है। यह जींस ही उसको आदेश देता है की कब और कितना विभाजन करना है। कैंसर में उस जींस में कुछ अनुवांशिक गड़बड़ी आ जाती है और वह कोशिका को गलत संदेश देने लगता है जिससे कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ती हैं और कैंसर का रूप धारण कर लेती हैं।
कुछ हृदय विदारक तथ्य-:
- भारत में हर 8 मिनट पर एक महिला की गर्भाशय के कैंसर से मृत्यु होती है।
- हर दूसरी महिला जिसमें स्तन कैंसर की पुष्टि होती है उसकी मृत्यु हो जाती है।
- मुंह और फेफड़ों का कैंसर ही कैंसर से होने वाली मौतों का 25% भागीदार है।
- भारत में हर साल लगभग 1200000 कैंसर के नए मरीज सामने आते हैं।
- 75 वर्ष की उम्र के पहले महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में कैंसर पनपने की संभावना अधिक होती है।
कैंसर के प्रकार-:
- स्तन, प्रोस्टेट ग्रंथि, फेफड़े और आंतों मे होने वाले कैंसर को कारकीनोमा कहते है।
- बोन मैरो में होने वाले कैंसर को हम सारकोमा कहते हैं।
- रक्त और रक्त वाहिकाओं में होने वाले कैंसर को हम ल्यूकेमिया कहते हैं।
- ब्लास्टोमा कैंसर मुख्यतः अंडग्रंथि और महिलाओ की बच्चेदानी में होता है।
संभावित लक्षण-:
- शरीर में कोई भी असाधारण गांठ कैंसर का लक्षण हो सकती है इसे हमें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
- किसी भी प्रकार का असामान्य रक्तस्त्राव कैंसर का एक लक्षण हो सकता है जिससे हमे सावधान रहना चाहिए।
- लंबे समय तक कफ का बने रहना और लगातार खांसी का बने रहना भी कैंसर का एक लक्षण होता है।
- बिना कारण यदि लंबे समय तक थकान बनी रहे तो वह भी कैंसर का एक लक्षण हो सकता है।
- यदि अचानक से बिना किसी कारण के बहुत तेजी से आपका वजन कम होने लगे तो आपको एक बार कैंसर की जांच अवश्य करानी चाहिए।
- बाकी विशिष्ट प्रकार के कैंसर में विशिष्ट प्रकार के लक्षण होते हैं जो प्रत्येक व्यक्ति के लिये अलग-अलग हो सकते हैं पर भूख ना लगना,अचानक से वजन कम होना और शरीर में कोई गांठ कैंसर का सामान्य लक्षण हो सकता है।
कैंसर को न्योता-:
- किसी भी प्रकार का नशा जैसे शराब, धूम्रपान, गुटखा, तंबाकू का सेवन कैंसर का प्रमुख कारण है और भारत जैसे देश में तो मुंह और फेफड़ों के कैंसर का प्रमुख कारण तंबाकू सेवन ही है।
- अनुवांशिक कारण भी कैंसर का एक प्रमुख कारण है अर्थात यदि आपके घर में किसी को कैंसर है तो आपको भी कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है।
- आराम तलब जिंदगी जीना और कसरत से दूर रहना भी कैंसर को न्यौता देता है।
- किसी भी प्रकार से रेडिएशन से एक सीमा से अधिक संपर्क होने पर भी कैंसर होने की संभावना 55 फीसदी तक बढ़ जाती है इसलिए जहां तक संभव हो रेडिएशन से हमें बचना ही चाहिए।
सरकार की ओर से-:
- सरकार कैंसर से बचाव के लिए तमाम तरह के प्रचार करती है जिसमें फिल्म,रेडियो और अखबार के माध्यम से किए गए प्रचार भी शामिल हैं
- सरकार कई तरह की आर्थिक योजनाएं चलाकर गरीबों को कैंसर से लड़ाई लड़ने के लिए आर्थिक मदद भी देती है
इलाज-:
कैंसर का अभी भी कोई पक्का इलाज मौजूद नहीं है सर्जरी और रेडियोथैरेपी से यह कुछ हद तक ठीक हो सकता है पर शर्त यह है कि आप समय रहते अपने लक्षणों को पहचान कर डॉक्टर के पास पहुंच जाएं और फौरन इलाज शुरू करा दें अन्यथा यह एक लाइलाज बीमारी है।
निष्कर्ष-:
कैंसर एक लाइलाज बीमारी है बचाव ही जिसका एकमात्र इलाज है और यदि हम नशे से दूर रहें,अच्छा खाना खाए, कसरत करें, तनाव कम ले और वजन को नियंत्रित रखें तो निश्चित तौर पर हम कैंसर को दूर रखने में सफल हो सकेंगे आज हम अगर कैंसर की बीमारी को लेकर लापरवाह बने रहते हैं तो आने वाले वक्त में यह सुरसा के मुंह की तरह सब कुछ खा जाएगा।