केदारनाथ और यमुनोत्री के कपाट शीतकाल के लिए बंद

उत्तराखंड में केदारनाथ और यमुनोत्री के कपाट आज वैदिक मंत्रोच्चार, अनुष्‍ठान और सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों के बीच बंद कर दिए गए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्त मौजूद थे।

केदारनाथ मंदिर आज तड़के 3 बजे खुल गया। सुबह चार बजे से कपाट बंद करने की समाधि पूजा की प्रक्रिया शुरू की गयी। ज्योतिर्लिंग को बाघंबर, भृंगराज फूल, भस्म, स्थानीय फूल और पत्ते आदि से आच्छादित किया गया था। इसके साथ ही, वैकुंड भैरव नाथ के आह्वान पर गर्भगृह और मुख्य द्वार को जिला प्रशासन के अधिकारियों की उपस्थिति में बंद कर दिया गया था। कपाट बंद होने के बाद भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली श्री ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ के शीतकालीन आसन के लिए रवाना हुई। आज पंचमुखी डोली पहले पड़ाव रामपुर पहुंचेगी। कल देवडोली श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंचेगी और 29 अक्टूबर को डोली श्रीओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुंच जाएगी। इस बीच, उत्तरकाशी में यमुनोत्री धाम के कपाट भी आज दोपहर बारह बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गये। यहां से सोमेश्वर देवता की डोली के साथ यमुना की भोग मूर्ति को खरसाली लाया जाएगा, जहां भैया दूज पर यमुना की मूर्ति मंदिर में विराजमान होगी।