बैंकों के निष्पादन की समीक्षा और उनकी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ संबंधी विचार सृजित करने हेतु बॉटम-अप परामर्शदात्री प्रक्रिया के पहले चरण का हुआ शुभारम्भ

बैंकों के निष्पादन की समीक्षा और उनकी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ संबंधी विचार सृजित करने हेतु बॉटम-अप परामर्शदात्री प्रक्रिया के प्रथम चरण का शुभारंभ क्षेत्रीय स्तर पर स्टेट बैंक आफ इंडिया द्वारा 17-18 अगस्त को किया गया । इस कार्यक्रम में स्टेट बैंक से संबंधित सभी शाखाओं के अधिकारियों से कहा गया कि निष्पादन संबंधी सभी कार्यों की समीक्षा करते हुए सही व सुगम प्रक्रिया का वह स्वयं निर्धारण करें ।

बैठक में यह कहा गया कि बैंक अपने स्तर पर समीक्षा करें कि किस तरह अच्छे से अच्छा कार्य करते हुए जनता को लाभान्वित किया जाए और सा ही बैंक के लिए मुनाफा पैदा किया जाए । बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि बैंकिंग को कैसे नागरिकोन्मुखी बनाया जाए । इसके साथ ही इस पर भी मंत्रणा की गई कि किस किस तरह बैंक में प्रौद्योगिकी व नवाचार की सहायता से सकारात्मक परिवर्तन लाए जा सकते हैं । युवा, व्यवसायी, छात्र, किसान, वरिष्ठजन और स्वरोज़गार के इच्छुक लोगों के लिए किस तरह बैंक और अच्छा कर सकते हैं ?

बैठक में इस पर गम्भीरता से विचार किया गया कि बैंकिंग के जरिये हम कैसे क्षेत्र वालों को लाभान्वित करते हुए देश को उन्नति में सहयोग करें ? बैठक में अधिकारियों से कहा गया कि 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का किस तरह कैशलेस लेन-देन किया जा सकता है । यह भी कहा गया कि अधिकारियों को अपनी जवाबदेही भी तय करनी होगी ।

इस मीटिंग में कई राष्ट्रीय बैंकिंग के मुद्दों पर बातचीत करते हुए 9 सूत्रों पर बैठक का ध्यानाकर्षण किया गया । राष्ट्रीय महत्व की लगभग सभी बातें बैठक के एजेण्डे में शामिल रहीं । बैठक में कैशलेस, डीबीटी, लोन, ईज़ ऑफ लिविंग आदि पर विस्तृत चर्चा की गयी । बैठक में जिन महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की गई उनमें आर्थिक विकास हेतु क्रेडिट सहायता पर काफी जोर दिया गया । इसके अतिरिक्त चाहे मुद्रा लोन का मामला हो या फिर जल शक्ति, डेयरी, हेचरी, फिशरीज या अन्य लघु व मध्यम उद्यम के अंतर्गत किसी भी तरह के कार्य के लिए बैंक की ओर से सहायता पर भी गहराई से मनन किया गया । विमर्श के मामलों में आधारभूत कार्य जैसे खेती-किसानी, महिला सशक्तिकरण और अन्य वित्तीय समावेशन के साथ डायरेक्ट बेनिफिट शामिल रहे ।

कुल मिलाकर इस बात पर विशेष ज़ोर दिया गया कि भारत की प्रगति में किस तरह बैंक अपना योगदान दे सकते हैं ? इसके लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा और सक्षम भारत के निर्माण में अपना योगदान देना होगा । कार्यक्रम में सतीश पटवर्धन जनरल मैनेजर (नेटवर्क-1 स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) लोकल हेड ऑफिस लखनऊ, आलोक यादव रीजनल मैनेजर रीजन-4 बदायूं, अशोक कुमार सिंह चीफ मैनेजर मुख्य शाखा बदायूं के साथ अन्य अधिकारी व क्षेत्रीय शाखा प्रबन्धक उपस्थित रहे ।