जिले में सोमवार को हुई बेमौसम की बारिश आैर ओलावृष्टि ने किसानों की अच्छी फसल की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। बिगड़े मौसम से खेतों में खड़ी फसलें करीब 25 प्रतिशत खराब हो गई हैं। साथ ही बारिश के साथ ओले गिरने से फसलों के साथ सब्जियां भी तबाह हो गई हैं। किसानों का कहना है कि तेज आंधी बारिश के कारण जमीन पर गिरी फसलें अब खड़ी भी नहीं हो सकती। खेताें में अपनी जमा पूंजी लगा चुके किसान अासमान से बरसी आफत के बाद फसलें तबाह होने से मायूस हो गए हैं।
सोमवार की दोपहर किसानों की आशंका सच साबित हुई। तेज आंधी के साथ बौछारें पड़ने लगीं। गरज चमक के साथ ओले भी गिरे। गेहूं की तैयार फसल पर ओले व पानी गिरता देख किसानों को दिक्कत हुई। जिस फसल को तैयार करने में पांच महीने पसीना बहाया और हजारों रुपये सिंचाई, नीराई, खाद पर खर्च किए उसका इस तरह बर्बाद होना किसानों को अखर रहा है।खराब मौसम का प्रभाव कमोवेश पूरे जिले में रहा।छोटे ओले महुए की तरह बिछ गये।आंधी पानी से गेहूं की कटी फसल पर ज्यादा नुकसान हुआ है। खड़ी फसल भी हवा के प्रभाव से गिर गयी है।किसान रामशंकर आजाद संतोष कुमार व रामनरेश ने बताया कि ओले गिरने से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कई दिन से किसानों को मौसम खराब की शंका परेशान कर रही थी और यह सच साबित हुई।कल तक खेतों में तैयार सोने जैसी फसल देखकर किसान इतरा रहे थे वहीं फसल पर पानी व पत्थर गिरने से अब रुआसे हो गये हैं। अभी किसानों का 10 प्रतिशत गेहूं भी घरों में नहीं पहुंच सका।
सोमवार को जिले का मौसम दोपहर को अचानक बदल गया। तेज आंधी आई, जिसके चलते हर ओर धूल का गुबार उड़ने लगा। आंधी के साथ आए घने बादल के चलते दोपहर में अंधेरा हो गया। सड़क पर चलने वाली गाड़ियों की लाइट जलानी पड़ी। हल्की बारिश के साथ हवा तेज गति से तक चलती रही।हालांकि जिले में कुछ दिन तेज धूप पड़ने के बाद अचानक मौसम के बदले मिजाज ने आम लोगों को चाहे गर्मी से राहत प्रदान की है, लेकिन जिले भर के किसानों की नींद भी उड़ाकर रख दी है।उल्लेखनीय है कि मौसम ने अचानक अपना मिजाज बदल लिया, जिसके बाद पहले तेज हवाएं चलने लगीं तथा घने बादलों से आकाश पूरी तरह से ढक गया।